Friday, May 07, 2021
-->
briten farmers protest india rashmi sawant oxford university sobhnt

ब्रिटेन ने की थी किसान आंदोलन पर चर्चा, भारत बोला- हम भी उठाएंगे ऑक्सफोर्ड का मुद्दा

  • Updated on 3/15/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। हाल में ब्रिटेन (Briten) की अदालत में भारत में चल रहे किसान आंदोलन (Farmer protest) पर चर्चा हुई थी। वहां के सांसदों ने किसान आंदोलन पर अपनी बात रखते हुए भारत सरकार पर दवाब बनाने की बात कही थी। कुछ इसी तरह हो सकता है आने वाले दिनों में अब भारतीय संसद में रश्मि का मुद्दा गूंजने लगे। बता दें हाल में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में बोलते हुए यह बात कही है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि उनकी सरकार इस पूरे मामले पर ध्यान लगाए हुए हैं। और जब जरुरत होगी भारत इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से उठाएगा। 

गैंगस्टरों के लिए सबसे सुरक्षित जेल बना तिहाड़, हाई कोर्ट भेज चुका है नोटिस

सोशल मीडिया पुरानी पोस्ट पर लिया फैसला 
बता दें रश्मि सामंत को हाल में ऑक्सफोर्ड स्टूडेंट यूनिवर्सिटी की पहली महिला अध्यक्ष चुना गया था। जिसके बाद उन पर उनकी पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट में टिप्पणी के आधार पर उनसे इस्तीफा ले लिया गया था। इस पूरी घटना में रश्मि ने 'रेशियल प्रोफाइलिंग' का मुद्दा बताया था। उन्होंने प्रशासन पर काफी गंभीर आरोप लगाए थे। उनके साथ हुई इस घटना का जिक्र करते हुए राज्यसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि महात्मा गांधी की जमीन से होने के नाते हम कभी नस्लवाद से आंख नहीं चुरा सकते। खास कर जब यह किसी ऐसे देश में हो जहां हमारे अपने लोग बड़ी संख्या में है। वह कहत हैं कि हमारे यूके के साथ अच्छे संबंध हैं। जरुरत पड़ने पर हम इसे पूरी गंभीरता से उठाएंगे।  

आज से शुरु होगी देशभर में बैंक हड़ताल, 10 लाख कर्मचारी होंगे शामिल

2017 में किए थे कुछ ट्वीट
बता दें ऑक्सफोर्ड में चुनाव के दौरान रश्मि सामंत को 3708 में से 1966 वोट मिले थे। जिसके बाज अध्यक्ष पद पर उनको चुना गया था। बता दें कि उन्होंने अपने 2017 के कुछ पुराने पोस्टस में नस्लभेदी, साम्य विरोधी और ट्रांसफोबिक बताया था। जिसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी।  इसके अलावा उन्होंने अपनी मलेशिया की यात्रा के दौरान भी एक चित्र को चिंग चांग शीषर्क दिया था। जिसके बाद वहां विवाद छिड़ गया है।   

Punjab: बरनाला में हुई रैली में बोले किसान, दिल्ली पुलिस आई पंजाब तो होगा घेराव, फाड़े नोटिस 

लगाए गंभीर आरोप 
इस पूरी घटना के बाद वह भारत लौट आई। भारत लौटने के बाद सामंत ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर मैं एक खास तरह की दिखती तो इसका संदेह मुझे पूरी तरह से मिलता मगर मेरे मामले में वह फौरन निर्णय पर पहुंच गए। वह कहती है कि नस्लवाद अब खुले तौर पर नहीं छिपे व्यवहार की तरह होता है। बता दें भारत सरकार इस मसले पर बयान देकर ब्रिटेन को संदेश देना चाहती है कि वह अगर किसान मुद्दा उठाएंगे तो वह भी ऑक्सफोर्ड के मामले को उठाएंगे।  


ये भी पढ़ें: 

comments

.
.
.
.
.