Tuesday, Oct 04, 2022
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budget discussion - sibal compared the modi government with the aurangzeb regime

बजट चर्चा-सिब्बल ने औरंगजेब शासन से की मोदी सरकार की तुलना

  • Updated on 2/9/2022

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई तीखी टिप्पणियों को लेकर बुधवार को कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने पलटवार किया। बजट चर्चा में हिस्सा लेते हुए सिब्बल ने कहा कि औरंगजेब ने जजिया कर से गरीबों और वंचितों को राहत दी थी लेकिन मोदी सरकार डीजल-पेट्रोल पर किसी को भी राहत देने को तैयार नहीं है। पीएम की टुकड़े-टुकड़े गैंग वाली टिप्पणी पर निशाना साधते हुए सिब्बल ने कहा कि इतिहास, संविधान, संविधान और भाईचारे का टुकड़े टुकड़े करने वाले गैंग लीडर हैं। 

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राज्यसभा सांसद सिब्बल ने कहा कि आम बजट जमीनी सच्चाई से दूर है। इसमें सरकार की दूरदृष्टि का अभाव साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि बजट में डिजिटल, ग्रीन, जलवायु, आत्मनिर्भर, मेड इन इंडिया और व्यवसाय की सुगमता जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है लेकिन बेरोजगारी, गरीबी, खाद्य सुरक्षा, मजदूर, स्वास्थ्य, कल्याण, महिला और युवाओं का जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब और मध्यम वर्ग के लिए नहीं बल्कि दो प्रतिशत लोगों के लिए है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने टुकड़े टुकड़े गैंग की बात की तो मैं अचंभित हुआ...जो सभ्यता के टुकड़े-टुकड़े करता हो, जो इतिहास के टुकड़े-टुकड़े करता हो, जो संविधान के टुकड़े टुकड़े करता है और जो भाईचारा के टुकड़े टुकड़े करता है, असल में वह टुकड़े-टुकड़े गैंग का लीडर है।

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पेट्रोल और डीजल के मूल्य में हुई वृद्धि का जिक्र करते हुए सिब्बल ने कहा कि वर्ष 2014 में यूपीए के शासनकाल में पेट्रोल की कीमत 71 रुपये प्रति लीटर थी और उस समय उत्पाद कर 9.2 रुपये प्रति लीटर था जबकि 2022 में पेट्रोल की कीमत 95 रुपये प्रति लीटर हो गई और इस पर उत्पाद शुल्क 27 रुपये प्रति लीटर वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के मुकाबले उत्पाद कर में 203 प्रतिशत की वृद्धि की गई। इसी तरह डीजल की कीमत 2014 में जहां 55 रुपये प्रति लीटर थी और उस पर उत्पाद कर 3.46 रुपये प्रति लीटर थी जबकि आज पेट्रोल की कीमत 86 रुपये प्रति लीटर है और यह 530 प्रतिशत की वृद्धि है।

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इतिहास का जिक्र करते हुए सिब्बल ने कहा कि अहमद शाह ने 1414 में सबसे पहले जजिया कर लगाया था और उसके बाद अकबर आया तो उसने हटा दिया लेकिन जब औरंगजेब आया तो उसने फिर से जजिया कर लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने वंचित लोगों, बेरोजगारों और रक्षा में लगे लोगों पर जजिया कर नहीं लगाया। लेकिन मौजूदा सरकार औरंगजेब से भी बदतर है, जो पेट्रोल-डीजल पर सभी से 530 और 203 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ कर उगाही कर रही है। सदन में मौजूद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर देखते हुए उन्होंने कहा कि वह एक बार चुनाव लड़ लें तो उन्हें जमीनी सच्चाई का पता चलेगा। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और शोध में उचित आवंटन न किए जाने का आरोप लगाते हुए सिब्बल ने कहा कि जब तक बच्चों की शिक्षा, शोध व स्वास्थ्य पर निवेश नहीं किया जाएगा तब तक देश की संपत्ति खड़ी नहीं की जा सकती।

 

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