Sunday, Jun 04, 2023
-->
cbi-harassing-sisodia-forcing-him-to-sign-documents-containing-false-allegations-aap

सिसोदिया को प्रताड़ित कर रही है CBI, झूठे आरोप वाले दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने का दबाव डाला: AAP

  • Updated on 3/5/2023

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने रविवार को दावा किया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को ‘प्रताड़ित' कर रहा है और उन पर झूठे आरोपों वाले कागजात पर हस्ताक्षर करने का दबाव बना रहा है।

कांग्रेस का मोदी सरकार पर तंज- ‘लाल आंख' दिखाने की बजाय चीनी विदेश मंत्री के लिए....

  •  

सीबीआई ने सिसोदिया को दिल्ली आबकारी नीति मामले की जांच में कथित रूप से सहयोग नहीं करने और जांचकर्ताओं के सवालों से बचने के आरोप में 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था। एक विशेष सीबीआई अदालत ने शनिवार को सिसोदिया की हिरासत छह मार्च तक बढ़ा दी थी। सिसोदिया ने गत 28 फरवरी को अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।

ICRA ने अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल एकोनॉमिक जोन लि. के परिदृश्य को किया नकारात्मक

अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी सिसोदिया की हिरासत का उपयोग आबकारी नीति पर विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर कानूनी राय वाली महत्वपूर्ण लापता फ़ाइल का पता लगाने के लिए करना चाहती है, जिसका अभी तक पता नहीं लग पाया है। भारद्वाज ने रविवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मनीष सिसोदिया को सीबीआई द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है और उन पर उनके खिलाफ झूठे आरोप वाले दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव डाला जा रहा है।

कैंब्रिज विश्वविद्यालय में पेगासस और पुलवामा कांड पर खुलकर बोले राहुल गांधी

सीबीआई के पास सिसोदिया के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कभी भी किसी सबूत के गायब होने का उल्लेख नहीं किया। उन्होंने उनके आवास पर छापा मारा लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला।'' पांच दिन की सीबीआई हिरासत की अवधि समाप्त होने पर शनिवार को अदालत में पेश किए गए सिसोदिया ने दावा किया कि वह ‘‘आठ से नौ घंटे तक बैठे रहे और बार-बार एक ही सवाल का जवाब दे रहे हैं।''

मनीष सिसोदिया की जमानत अर्जी पर दिल्ली की अदालत शनिवार को करेगी सुनवाई

सिसोदिया ने इसे "मानसिक उत्पीड़न" करार दिया। इस पर, पिछली सुनवाई पर सीबीआई को आरोपी पर ‘थर्ड डिग्री' का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश देने वाले न्यायाधीश ने जांच एजेंसी से कहा कि ‘‘एक ही सवाल बार-बार न पूछें। यदि आपके पास कुछ नया है, तो उनसे पूछें।'' 

comments

.
.
.
.
.