Tuesday, Dec 07, 2021
-->
commission reprimands the states for burning stubble asked for a new plan

पराली जलाने पर राज्यों को आयोग की लताड़, मांगा नया प्लान

  • Updated on 9/8/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पड़ोसी राज्यों के प्लान को खारिज कर दिया है। आयोग ने कहा है कि कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर के समय अगर पराली से प्रदूषण हुआ तो बहुत विनाशक होगा। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की सभी तैयारियां सिर्फ  कागज पर हैं। पड़ोसी राज्यों की लापरवाही से दिल्लीवालों की सेहत का बड़ा नुकसान हो सकता है।

आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मानसून खत्म होते ही उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के किसान धान की फसल काटकर, गेहूं को बोने की तैयारी करेंगे। उसी वक्त पराली से प्रदूषण बढ़ता है और सफर के मुताबिक करीब 45 फ़ीसदी प्रदूषण दिल्ली में सीधे पड़ोसी राज्यों की पराली जलने से होगा। 

केंद्र सरकार ने एक आयोग बनाया है उसने कुछ दिन पहले दिल्ली के चार पड़ोसी राज्यों से पराली से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए क्या-क्या तैयारियां की हैं, इसको लेकर रिपोर्ट मांगी। लेकिन कोई प्लान आयोग को नहीं दिया गया। इन राज्यों में दो भाजपा के अधीन हैं तो दो कांग्रेस के। इन चारों राज्यों ने पराली से प्रदूषण को रोकने को लेकर कोई काम नहीं किया

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पराली से प्रदूषण को रोकने के कई उपाय इस वक्त देश में उपलब्ध हैं। सबसे पहला बायो डी कंपोजर जो कि दिल्ली सरकार ने पिछले साल बनाया। बायो डी-कंपोजर से पराली को गलाकर खेत के अंदर खाद बना सकते हैं। मशीनों से पराली को निकाल कर प्रोसेस करके इस्तेमाल कर सकते हैं। 

इन मशीनों को किसानों तक पहुंचाने, सब्सिडी देने और वितरित करने का प्लान भी  ये राज्य नहीं दे सके। पराली से इथरनोल बनाने, औद्योगिक इस्तेमाल और कृषि में इस्तेमाल पर भी कुछ नहीं बताया। बायो डी कंपोजर कैसे बड़े स्तर पर बनाया जाएगा और किसानों को कैसे वितरित किया जाएगा, इसका कोई प्लान इन राज्यों के पास में नहीं है।

उन्होंने कहा कि कोर्ट ने कहा था कि किसान पराली ना जलाएं इसके लिए 100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मदद हर किसान की करेंगे, लेकिन कोई योजना नहीं दी। ऐसे में इस बार भी पराली की मात्रा पिछली बार जैसी ही होगी। आयोग ने कहा है कि पंजाब में बायोमास प्लांट बनाने थे लेकिन  चालू नहीं हुए। आयोग ने राज्यों के रवैए पर उन्हें लताड़ लगाई है और कहा कि वे जल्द पूरी योजना बताएं कि कैसे पराली को जलने से राकेंगे। 
 

comments

.
.
.
.
.