Wednesday, Oct 20, 2021
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कांग्रेस ने आईसीएमआर पर कोरोना से जुड़े तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया

  • Updated on 9/16/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कांग्रेस ने भारतीय आयुॢवज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) पर कोरोना महामारी से जुड़े तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया और इसकी आपराधिक जांच की मांग की है। पार्टी ने कहा कि राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए आईसीएमआर ने तथ्यों को छिपाया, जिसके चलते लाखों लोगों की जान गई। जांच के दायरे में आईसीएमआर के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को भी लाए जाने की पार्टी ने मांग की है।

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इकोनॉमिस्ट पत्रिका की रिपोर्ट में किए गए दावे के हवाले से कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन ने वीरवार को यहां कहा कि भारत में कोरोना के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा 43 लाख से 68 लाख के बीच हो सकता है। एक प्रेस कान्फ्रेंस में माकन ने यह भी दावा किया कि आईसीएमआर के कुछ प्रमुख वैज्ञानिकों को हटना पड़ा क्योंकि सरकार की ओर से सच सामने न लाने को लेकर उन पर दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने जो बातें सामने रखी हैं वो बहुत गंभीर हैं। लेकिन राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए बातें छिपाई गईं जिस कारण कोरोना की दूसरी लहर से पहले सावधानी नहीं बरती गई और तैयारी भी नहीं हुई।

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उन्होंने कहा कि आईसीएमआर के वैज्ञानिकों पर दबाव बनाकर कहलवाया गया कि भारत में कोरोना तेजी से नहीं फैल रहा है। आईसीएमआर के अध्ययन में यह भी स्पष्ट हो गया था कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और ब्लड प्लाज्मा से कोई फायदा नहीं है, लेकिन इस तथ्य को भी छिपाया गया है जिसके चलते जनता को भारी नुकसान हुआ। कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि आईसीएमआर अपने काम में विफल रहा। यदि उचित समय पर सही कदम उठाया गया होता तो लाखों लोगों की जान बच सकती थी।

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प्रधानमंत्री ने इस साल की शुरुआत में कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग जीत ली गई। उस समय के स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी कहा कि कोरोना को हरा दिया गया। इस कारण लोगों ने लापरवाही बरती। माकन ने कहा कि इन वैज्ञानिकों ने जो कहा है कि उससे लगता है कि इसमें आईसीएमआर की आपराधिक संलिप्तता है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उस समय के स्वास्थ्य मंत्री की भी संलिप्तता है। आईसीएमआर के प्रमुख लोगों, प्रधानमंत्री और उस वक्त के स्वास्थ्य मंत्री के विरुद्ध आपराधिक जांच होनी चाहिए।

 

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