Wednesday, Aug 10, 2022
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मनरेगा में 935 करोड़ का घोटाला, कांग्रेस ने लगाया आरोप

  • Updated on 8/21/2021

नई दिल्ली(टीम डिजिटल)। कांग्रेस ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट (मनरेगा) में कथित 935 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने सोशल ऑडिट नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाने के साथ ही सरकार की नीयत पर भी सवाल उठाया है। इसके साथ ही पार्टी ने पुलिस भर्ती में महिला कोटे की भर्तियां पूरी नहीं करने और सशस्त्र बलों में दिव्यांग कोटा खत्म करने को लेकर भी सरकार की कड़ी आलोचना की है।

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कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शनिवार को यहां एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री दावा करते हैं कि न खाऊंगा, न खाने दूंगा, इसके बाद भी गरीबों के लिए चलाई जा रही योजना में भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सोशल ऑडिट यूनिट के आंकड़ों का हवाला देते हुए मनरेगा में 935 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया। खेड़ा ने कहा कि यह कांग्रेस के आंकड़े नहीं हैं, केंद्र सरकार के अपने आंकड़े हैं। उन्होंने बताया कि 2017-18 से लेकर 2020-21 के दौरान देश की 2 लाख 65 हजार ग्राम पंचायतों की सोशल ऑडिट कराई गई, जिसमें रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार पाया गया। ठेकेदारों द्वारा बड़े-बड़े बिल बना कर भुगतान लिए गए, जबकि जमीनी हकीकत यह रही कि काम कराया ही नहीं गया।

 

भाजपा और उसकी गठबंधन राज्य सरकारों में हुआ घोटाला

खेड़ा ने कहा कि ऑडिट के आंकड़े यह भी बताते हैं कि सबसे ज्यादा भाजपा और उसकी गठबंधन की राज्य सरकारों में यह भ्रष्टाचार हुआ। तमिलनाडु में एआईएडीएमके सरकार में 245 करोड़ रुपये मनरेगा घोटाला हुआ है। वहीं, भाजपा-जेडीयू शासित बिहार में 12.34 करोड़। झारखंड में यह सोशल ऑडिट जब हुई थी, भाजपा की सरकार थी। वहां, 51.30 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। जबकि 2018 में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार आ चुकी थी, वहां एक पैसे की गड़बड़ी सोशल ऑडिट में नहीं मिली है। खेड़ा ने कहा कि यह गड़बड़ी इसलिए भी हुई कि केंद्र सरकार सोशल ऑडिट के नियमों की अनदेखी कर रही है। यूपीए सरकार के वक्त से हर छह महीने में मनरेगा की सोशल ऑडिट का प्रावधान बनाया गया था, लेकिन मोदी सरकार की नीयत ठीक नहीं होने के चलते सालों साल तक सोशल ऑडिट नहीं कराई जा रही है। उन्होंने इस सरकार में घोटाले की रकम की रिकवरी करने की भी नीयत नहीं है। 935 करोड़ के घोटाले में केवल 12.50 करोड़ रुपये ही सरकार रिकवर कर सकी।

 

सशस्त्र सुरक्षा बलों में खत्म किया गया दिव्यांग कोटा 

खेड़ा ने सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, असम राइफल्स, एसएसपी जैसे सशस्त्र सुरक्षा बलों में 4 फीसद दिव्यांग कोटे की भर्तियां खत्म किए जाने को लेकर भी केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इसी तरह सरकार ने पुलिस में महिलाओं के लिए निर्धारित कोटे की भर्तियां बंद कर रखी है, जिसके चलते 20 लाख 91 हजार पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ मोदी सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, दूसरी ओर महिलाओं का हक छीन रही है।

 

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