Monday, Jan 24, 2022
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congress became soft on ram temple, salman khurshids book in discussion before up elections

राम मंदिर पर कांग्रेस हुई ‘साफ्ट’,यूपी चुनाव से पहले चर्चा में सलमान खुर्शीद की किताब ‘अयोध्या'

  • Updated on 11/11/2021

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या: नेशनहुड इन ऑवर टाइम्स’ में सुप्रीमकोर्ट के फैसले के हवाले से राम मंदिर निर्माण का पक्ष लेते हुए मुस्लिम पक्षकारो को इसे खुले दिल से स्वीकार करने की समझाईश देने के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव है, ऐसे वक्त में ‘हिंदू धर्म’ और राम मंदिर पर कांग्रेस का ‘साफ्ट‘ रुख चर्चा में है। हालांकि किताब में हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस और बोको हरम जैसे संगठनों से करने की उनकी टिप्पणी विवादों में आ गई है।

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किताब में खुर्शीद ने हिंदू धर्म को बहुत ही उच्च स्तर का धर्म बताया है। उन्होंने लिखा कि इसके लिए महात्मा गांधी ने जो प्रेरणा दी है, उससे बढक़र कुछ नहीं हो सकता। हिंदू धर्म को लेकर उनके इसी रुख को कांग्रेस के ‘साफ्ट हिंदुत्व’ वाले एजेंडे से जोड़ा जा रहा है। ऐसा किताब की टाइमिंग के चलते भी है। यह किताब ऐसे वक्त में आई है, जब उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को कुछ ही महीने बचे हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में हुई हार के बाद से कांग्रेस में ‘साफ्ट हिंदुत्व’ की बात हो रही है और राहुल गांधी-प्रियंका गांधी चुनाव प्रचार के दौरान अक्सर मंदिरों में माथा टेकते दिख रहे हैं। यूपी में अपनी सियासी जमीन बनाने में जुटी कांग्रेस सवर्णों के साथ ही दलित और पिछड़े तबके में अपनी पैठ बनाने की मुहिम में लगी है।

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कांग्रेस यूपी में सियासत में महिलाओं को भागीदारी बढ़ाने, छात्राओं को मुफ्त स्कूटी, लैपटॉप देने, किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों-कारोबारियों से जुड़ी घोषणाएं कर रही हैं तो विरोधी दल, भाजपा जिन्ना, अब्बा और कैराना, मुजफ्फरनगर दंगे का जिन्न बाहर निकाल कर ध्रुवीकरण की कोशिश में जुटी है। साथ ही राम मंदिर निर्माण को भी भुनाने का पूरा प्रयास कर रही है। राम मंदिर पर कांग्रेस के अब तक के रुख को भाजपा उसे राम विरोधी करार देती रही है। इसलिए जब खुर्शीद की किताब में राम मंदिर और हिंदुत्व की पैरोकारी की गई तो स्वत: ही इसे यूपी चुनाव से जोड़ कर देखा जाने लगा है।
हालांकि किताब में उन्होंने एक जगह हिंदुत्व की आईएसआईएस से तुलना करते हुए लिखा कि ‘हिंदुत्व’ साधु-संतों के ‘सनातन और प्राचीन हिंदू धर्म’ को अलग कर रहा है। उन्होंने लिखा कि यह हर तरह से आईएसआई और बोको हरम जैसे जिहादी इस्लामिक संगठन की तरह है। उनके इसी कथन को भाजपा और हिंदूवादी संगठन हिंदू विरोधी बता रहे हैं। इस पर खुर्शीद ने सफाई दी है कि हिंदुत्व की राजनीति करने वाले गलत हैं तो आईएसआईएस भी गलत है। 

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बुधवार को यहां इंडिया इंटरनेशनल में खुर्शीद की किताब का विमोचन हुआ। विमोचन मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने यह कह कर कि ‘हिन्दुत्व’ शब्द का हिंदू धर्म और सनातनी परंपराओं से कोई लेनादेना ही नहीं है, इस विवाद को और तूल दे दिया। उन्होंने आरएसएस और भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि देश में हिन्दू खतरे में नहीं हैं, बल्कि ‘फूट डालो और राज करो’ की मानसिकता खतरे में है। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि अयोध्या मामले पर उच्चतम न्यायालय का फैसला सही है क्योंकि दोनों पक्षों ने इसे स्वीकार किया है।

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