Wednesday, Oct 05, 2022
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‘भारत जोड़ो यात्रा’ की कांग्रेस ने शुरू की तैयारियां, पार्टी की केंद्रीय योजना समूह की पहली बैठक हुई

  • Updated on 6/5/2022

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। कांग्रेस ने अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू करने के लिए तैयारियां तेज कर दी है। यात्रा को अमलीजामा पहनाने की योजना बनाने के लिए बनी पार्टी की योजना समूह की पहली बैठक रविवार को हुई। बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल रहे। यह यात्रा दो अक्तूबर से कन्याकुमारी से शुरू होकर कश्मीर पहुंचेगी, जो करीब पांच से साढ़े पांच महीने में 3500 किलोमीटर का रास्ता तय करेगी।

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योजना समूह के संयोजक दिग्विजय सिंह ने एक ट्विट के जरिए यह जानकारी साझा की। कांग्रेस ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ आयोजित करने का निर्णय पिछले महीने उदयपुर में हुए नव संकल्प चिंतन शिविर में लिया था। इस यात्रा की कार्ययोजना तैयार करने के लिए दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में केंद्रीय योजना समूह का गठन किया गया है। कांग्रेस के अनुसार, ‘भारत जोड़ो यात्रा’ देश को एकजुट करने में मदद करेगी। पार्टी का आरोप है कि देश में बढ़ते ध्रुवीकरण के जरिए भारत को विभाजित किया जा रहा। बैठक में उपस्थित पार्टी के अन्य नेताओं में जयराम रमेश, शशि थरूर, ज्योति मणि, भारतीय युवा कांग्रेस के प्रमुख बी वी श्रीनिवास, महिला कांग्रेस प्रमुख एन. डीसूजा और एनएसयूआई प्रमुख नीरज कुंदन शामिल थे।

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कांग्रेस अध्यक्ष ने उदयपुर शिविर में अपने समापन भाषण में घोषणा की थी कि पार्टी गांधी जयंती पर कन्याकुमारी से कश्मीर तक ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू करेगी, जिसमें वह भी हिस्सा लेंगी। उन्होंने कहा था कि यात्रा से सामाजिक सौहार्द मजबूत करना है जो दबाव में है, हमारे संविधान के बुनियादी मूल्यों को संरक्षित करना है, जिस पर हमला हो रहा है और हमारे करोड़ों लोगों की दिन-प्रतिदिन की चिंताओं को रेखांकित करना है। कांग्रेस की रणनीति इस यात्रा के जरिए आम जनता के बीच पहुंचने की है। करीब 3500 किलोमीटर की यह यात्रा पूरी होने में पांच से साढ़े पांच महीने लग सकते हैं। यात्रा का मार्ग ऐसा तय किया जा रहा है, जिससे सबसे अधिक यह हिंदी पट्टी के राज्यों में रहे। दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति हिंदी पट्टी के मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाने की है। जिसमें विशेष तौर पर उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड जैसे राज्य हैं।

 

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