Tuesday, Oct 19, 2021
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ममता के खिलाफ प्रत्याशी उतारने को लेकर उहापोह में कांग्रेस

  • Updated on 9/6/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहे विधानसभा उपचुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ प्रत्याशी उतारने को लेकर कांग्रेस में उहापोह की स्थिति है। पार्टी की राज्य इकाई ममता के खिलाफ प्रत्याशी देने के पक्ष में है तो केंद्रीय संगठन का एक धड़ा इसके खिलाफ। फिलहाल भवानीपुर समेत राज्य की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीख घोषित के साथ ही चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो गई है।

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पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट पर 30 सितम्बर को उपचुनाव के लिए मतदान होना है। यह सीट मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की परंपरागत सीट है, लेकिन हाल के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भवानीपुर छोड़ नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था। नंदीग्राम में एक समय उनके करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ कर ममता को हरा दिया। लेकिन ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में जबरदस्त जीत दर्ज की। चुनाव हार कर भी ममता राज्य की मुख्यमंत्री हैं। छह महीने के भीतर उन्हें विधानसभा का सदस्य बनना है, जिसके लिए अब वे भवानीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव लडऩे उतर रही हैं। उन्हें चुनौती देने के लिए भाजपा कई दिग्गजों के नाम पर मंथन कर रही है, जिसमें सबसे अहम पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे दिनेश त्रिवेदी भी शामिल हैं। लेकिन कांग्रेस अब तक यह नहीं तय कर पाई है कि उसे ममता के खिलाफ चुनाव लडऩा भी है या नहीं। पार्टी के रणनीतिकारों में इस मसले को लेकर एकराय नहीं दिखती।

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कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख अधीर रंजन चौधरी की ममता बनर्जी से पुरानी अदावत है। दो दिन पहले ही अधीर ने राज्य में टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पिटाई करने का आरोप लगाया था और मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिख कर शिकायत की थी। अधीर तो भवानीपुर में प्रत्याशी उतारने के पक्षधर हैं और इसके लिए बाकायदा पैरवी भी कर रहे हैं। लेकिन केंद्रीय संगठन के कुछ नेता इस मामले में संशय में उलझे दिख रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी का प्रत्याशी उतारने पर निश्चित रूप से कुछ वोट बंटेंगे। वाम मोर्चा ममता के खिलाफ प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर चुका है। हालांकि अभी तक उसकी ओर से कोई नाम सामने नहीं आया है। कांग्रेस के एक धड़े का मानना है कि वोटों के बंटने का फायदा भाजपा प्रत्याशी को मिल सकता है। हालांकि भवानीपुर ममता का घरेलू मैदान है। वह, यहीं पैदा हुई हैं और पली-बढ़ी-पढ़ी हैं। 2011 से लगातार वे भवानीपुर का नेतृत्व कर रही हैं। फिलहाल अभी कांग्रेस मंथन के दौर में है। वह 2024 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर टीएमसी के साथ बन रहे गठजोड़ को ध्यान में रख कर भी हालात पर विचार कर रही है।

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