Thursday, Feb 02, 2023
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Congress''s allegation, neither eagerness nor accountability in PM and govt in running Parliament

कांग्रेस का आरोप, संसद चलाने में पीएम और सरकार में न उत्सुकता न जवाबदेही

  • Updated on 8/9/2022

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। संसद का मॉनसून सत्र तय समय से पहले सोमवार को स्थगित किए जाने को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को आड़े हाथ लिया है। पार्टी ने संसद के इस मानसून सत्र को ‘निराशाजनक’ करार देते हुए दावा किया कि विपक्ष इस सत्र को 12 अगस्त की तय अवधि तक चलाना चाहता था, लेकिन सत्ता पक्ष की तरफ से कोई उत्सुकता नजर नहीं आई। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह निर्णय तमाम सांसदों के अनुरोध को देखते हुए लिया गया था, जिसमें विपक्षी दलों के सांसद भी शामिल थे।

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संसद का मॉनसून सत्र 18 जुलाई से 12 अगस्त तक चलाने का तय हुआ था, लेकिन सोमवार को अचानक सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी गई। कांग्रेस ने इसे साइन डाई एडजर्न बताया और कहा कि सरकार मुद्दों पर चर्चा से भागना चाहती है, इसलिए उसकी संसद चलाने में कोई दिलचस्पी नहीं थी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को दावा किया कि 10 और 12 तारीख को हम बैठने के लिए तैयार थे, लेकिन सरकार की ओर से हमने कोई उत्सुकता नहीं देखी। भाजपा के सांसद चाहते थे कि सत्र आठ अगस्त को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करा दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की तरफ से कोई जवाबदेही नहीं दिखी।


यहां एक प्रेस कान्फ्रेंस में कांग्रेस महासचिव ने कहा कि संसद के दो स्तंभ होते हैं। एक उत्पादकता है और दूसरा जवाबदेही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्पादकता की बात की लेकिन उनकी अगुवाई में इस सरकार की जवाबदेही खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही निराशाजनक सत्र था। हम कई मुद्दे नहीं उठा पाए। विपक्ष के दबाव और दो सप्ताह के गतिरोध के बाद सिर्फ महंगाई पर चर्चा हो सकी। सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना, सीमा पर चुनौतियों और कई राज्यों से जुड़े मुद्दे थे जिन पर हम चर्चा चाहते थे।

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उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का संसद को नजरअंदाज करना हम आठ साल से देख रहे है, लेकिन अब इस सरकार के मंत्री भी संसद को नजरअंदाज कर रहे हैं। लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि समय से चार दिन पहले संसद सत्र को स्थगित कर भाजपा पूरी तरह से उजागर हो गई है कि इस सत्र में वह मुद्दों पर चर्चा से बचना चाहती थी। उन्होंने कहा कि भाजपा हम पर इल्जाम लगाती है कि कांग्रेस के कारण चर्चा नहीं होती, लेकिन वे स्वयं चर्चा से भाग गए।
 

सांसदों के अनुरोध पर स्थगित किया गया सत्र: जोशी
कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक के बाद एक कई ट्विट किया और कहा कि विपक्ष का एजेंडा केवल व्यवधान डालना और बहिष्कार करना था। जोशी ने कहा कि मानसून सत्र चार दिन पहले नहीं स्थगित किया गया, जैसा दावा किया जा रहा है, बल्कि निर्धारित तिथि से दो दिन पहले स्थगित किया गया। यह फैसला विपक्ष सहित विभिन्न सांसदों के अनुरोध के बाद किया गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ध्यानाकर्षण, नियम 377, शून्यकाल और प्रश्नकाल के माध्यम से कोई भी मुद्दा उठा सकता था। लेकिन महंगाई पर चर्चा के बाद वे मंत्री के जवाब के दौरान वॉकआउट कर गए जबकि शुरुआत से ही वे महंगाई पर चर्चा की मांग कर रहे थे।
 

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