Friday, Jan 21, 2022
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सांसदों के निलम्बन पर बोली कांग्रेस, माफी मांगने का सवाल ही नहीं, संसद के दोनों सदनों से वाकआउट किया

  • Updated on 11/30/2021

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। राज्यसभा में विपक्ष के 12 सदस्यों के निलम्बन मामले में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ता दिख रहा है। मंगलवार को विपक्ष पूरे तेवर में था। इस मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा में कांग्रेस समेत अन्य कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया। वहीं राज्यसभा में सभापति के माफी मांगने के कहने के बाद सदस्यों ने पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। कांग्रेस ने कहा कि माफी मांगने का तो कोई सवाल ही नहीं।

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद में जनता की बात उठाने के लिए माफी बिल्कुल नहीं मांगी जा सकती। उन्होंने ट्विट किया, ‘‘किस बात की माफ़ी? संसद में जनता की बात उठाने की? बिलकुल नहीं!’’ इस मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस ने वाकआउट किया। पार्टी ने राज्यसभा में कार्यवाही का पूरे दिन तक बहिष्कार किया। कांग्रेस प्रवक्ता शक्ति ङ्क्षसह गोहिल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार ने लोकतंत्र का गला घोटा है ताकि विपक्ष जनता के मुद्दों पर उससे सवाल न करे। उन्होंने कहा कि षड्यंत्र के तहत निलम्बन करवाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक आकलन के आधार पर सदस्यों को निलम्बित किया गया। निलम्बन तत्काल रद्द किया जाए और सरकार माफी मांगे कि निलम्बन का प्रस्ताव गलत ढंग से रखा गया। '

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इससे पहले राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खडक़े नेतृत्व में कांग्रेस समेत 16 राजनीतिक दलों के नेताओं ने सभापति एम. वेंकैया नायडू से भेंट कर सदस्यों का निलंबन रद्द करने का आग्रह किया। लेकिन नायडू ने कहा कि सदन में सुगम तरीके से कामकाज चले बिना और सदस्यों के आचरण के लिए उनके माफी मांगे बिना यह संभव नहीं है। विपक्ष ने कहा कि माफी मांगने का तो सवाल ही नहीं है। शून्यकाल में खडग़े ने फिर यही मुद्दा उठाते हुए कहा कि निलम्बन की प्रक्रिया में नियमों और परंपराओं का उल्लंघन किया गया है। सदस्यों का निलंबन समाप्त किये जाने की मांग पूरी नहीं होने पर विपक्ष के कई दलों ने पहले तो दोनों सदनों से वाकआउट किया और निलम्बित सदस्यों से माफी मांगने का कहे जाने पर राज्यसभा की पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। वाकआउट के बाद विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

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वहीं, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि निलम्बित किए गए राज्यसभा के 12 विपक्षी सदस्यों को ‘दुव्र्यवहार’ के लिए उच्च सदन के भीतर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ये सदस्य सभापति और सदन से माफी मांग लेते हैं तो फिर सरकार उनके निलंबन रद्द करने के पर सकारात्मक रूप से विचार करने के लिए तैयार है।
टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने ट्विटर पर लिखा कि पार्टी बुधवार से अपना प्रदर्शन करेगी। ब्रायन ने लिखा, ‘‘राज्यसभा से निलंबित 12 विपक्षी सांसद कल एक दिसंबर से सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक महात्मा गांधी प्रतिमा के सामने धरना देंगे।’’

 

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