Thursday, Jan 20, 2022
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Congress, TMC, RJD, DMK and Left parties will not participate in Constitution Day celebrations

संविधान दिवस समारोह में कांग्रेस शामिल नहीं होगी, टीएमसी, आरजेडी, डीएमके और वाम दलों ने भी दूरी बनाई

  • Updated on 11/25/2021

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। संसद के शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले ही सियासत गरमाने लगी है। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार, 26 नवम्बर को संविधान दिवस के अवसर पर संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित समारोह से कांग्रेस समेत कई दलों ने दूरी बना ली है। इसके पहले कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में किसान आंदोलन, एमएसपी, लखीमपुर खीरी कांड समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई।

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संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत 29 नवम्बर से है। इसके पहले शुक्रवार को संविधान दिवस समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस समारोह को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम संसद के केंद्रीय सभाकक्ष में आयोजित होगा। यह आयोजन मौजूदा भारतीय संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। 26 नवम्बर 1949 को पहली बार भारत की संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया था, जिसे दो साल 11 महीना 18 दिन बाद, 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। संसद सत्र शुरू होने से ठीक दो दिन पहले होने जा रहे इस समारोह से कई विपक्षी दल दूरी बनाते दिख रहे हैं। इसमें सबसे प्रमुख कांग्रेस है। कांग्रेस के अलावा तृणमूल कांग्रेस, राजद, डीएमके, सीपीआई(एम) और सीपीआई ने भी समारोह से दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया है। 

सरकार को घेरने की तैयारी
इसके पहले वीरवार को हुई कांग्रेस की संसदीय मामलों से संबंधित रणनीतिक समूह की बैठक में चीन की आक्रामकता, किसान आंदोलन, एमएसपी, लखीमपुर खीरी कांड, गृह राज्यमंत्री अजय टेनी के इस्तीफे, मंहगाई, बेरोजगारी, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस और खाद्य सामग्रियों की बढ़ती कीमतों, पेगासस जासूसी कांड को लेकर संसद में केंद्र सरकार की घेराबंदी करने की रणनीति तैयार की। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में हुई इस बैठक में इस बात पर जोर दिया कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने संबंधी विधेयक सत्र के पहले ही दिन लाया जाए। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में इस विधेयक को मंजूरी दी है। बैठक में यह भी तय हुआ कि तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने संबंधी विधेयक पर चर्चा में भाग लिया जाएगा और इसका समर्थन किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि संसद में कांग्रेस इस पर जोर देगी कि सरकार किसान संगठनों की मांगों को स्वीकार करे। बैठक में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, सदन में कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा एवं मुख्य सचेतक जयराम रमेश, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, मुख्य सचेतक के. सुरेश और कुछ अन्य नेता शामिल हुए। इस रणनीतिक समूह के सदस्य एवं सांसद मनीष तिवारी बैठक में शामिल नहीं हुए। पार्टी सूत्रों का कहना है कि तिवारी पंजाब में होने की वजह से बैठक में शामिल नहीं हुए। 

 

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