Monday, Dec 05, 2022
-->
country-s-first-functional-smog-tower-started-in-delhi-s-anand-vihar-will-get-clean-air

दिल्ली के आनंद विहार में देश पहला क्रियाशील स्मॉग टॉवर शुरू, मिलेगी साफ हवा  

  • Updated on 9/7/2021

नई दिल्ली /नेशनल ब्यूरो :  केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली के आनंद विहार में देश के पहले क्रियाशील स्मॉग टॉवर का औपचारिक उद्घाटन किया। साथ ही दावा किया कि स्मॉग टॉवर की प्रमुख परियोजना उपयोगी परिणाम देगी और वायु गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों को फलीभूत बनाएगी। स्मॉग टॉवर एक संरचना है जिसे बड़े, मध्यम पैमाने के एयर प्यूरीफायर के रूप में, आमतौर पर फिल्टर के माध्यम से हवा को मजबूर करके वायु प्रदूषण को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है।
  आनंद विहार में 20 मीटर से अधिक की ऊंचाई वाला स्मॉग टॉवर, डाउन ड्राफ्ट प्रकार का है, यानी प्रदूषित हवा टॉवर के ऊपर से आती है और नीचे से साफ हवा बाहर आती है, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर वायु प्रदूषण (पार्टिकुलेट मैटर) में कमी करना है। टावर में उपयोग की जाने वाली निस्पंदन प्रणाली को मिनेसोटा विश्वविद्यालय द्वारा 90 प्रतिशत की अपेक्षित दक्षता के साथ डिजाइन किया गया है। 1000 घन मीटर प्रति सेकंड की दर से डिजाइन एयरफ्लो प्रदान करने के लिए 40 पंखों की इकाइयां स्थापित की गई हैं। टावर का निर्माण परियोजना प्रबंधन सलाहकार के रूप में एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा किया गया है।  इस मौके पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने नागरिकों के लिए स्वच्छ हवा और स्वस्थ जीवन प्राप्त करने के लिए गम्भीरतापूर्वक और ईमानदारी से योगदान देने का आह्वान किया है। साथ ही कहा कि केंद्र सरकार ने पूरे देश में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कई पहल शुरु की हैं। स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने 100 से अधिक शहरों में वायु गुणवत्ता में समग्र सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया है। पर्यावरण मंत्री ने कहा, 2018 की तुलना में 2019 में 86 शहरों में बेहतर वायु गुणवत्ता नजऱ आई है, और इन शहरों की संख्या 2020 में बढ़कर 104 शहरों तक पहुंच गई है।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार अब जल, वायु और पृथ्वी जैसी सार्वजनिक वस्तुओं के संरक्षण को सर्वोपरि महत्व देने के लिए सभी नीतिगत दृष्टिकोणों को सक्रिय रूप से एक दूसरे के साथ जोड़ रही है।
  इस मौके पर राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत गैर-प्राप्ति शहरों में वायु प्रदूषण के नियमन के लिए प्रण नामक एक पोर्टल का शुभारंभ भी किया। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) 2019 से देश में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) को लागू कर रहे हैं, जिसमें 2024 तक देश भर में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 10 और पीएम 2.5) सांद्रता में 20 से 30 प्रतिशत की कमी हासिल करने का लक्ष्य है।
   बता दें कि शहर के विशिष्ट वायु प्रदूषण स्रोतों (मिट्टी और सड़क की धूल, वाहन, घरेलू ईंधन, एमएसडब्ल्यू जलन, निर्माण सामग्री और उद्योग) को लक्षित करने वाले 132 गैर-प्राप्ति शहरों (एनएसी) दस लाख से अधिक की जनसंख्या वाले शहरों (एमपीसी) के लिए वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए शहर-विशिष्ट कार्य योजनाएं तैयार की गई हैं और पहले से ही लागू की जा रही हैं। पोर्टल  शहर की वायु कार्य योजना के कार्यान्वयन की भौतिक और वित्तीय स्थिति पर नजऱ रखने और जनता को वायु गुणवत्ता पर सूचना प्रदान  करने में सहायता करेगा।

114 शहरों को शहर कार्य योजना तैयार

बता दें कि वित्तीय वर्ष 2019-20 और 2020-21 के दौरान 114 शहरों को शहर कार्य योजना के अंतर्गत कार्रवाई शुरू करने के लिए अब तक 375.44 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 15वें वित्त आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों के अनुसार दस लाख से अधिक आबादी वाले 42 शहरों को 4400 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह विभिन्न केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध धन के अतिरिक्त है।

अश्विनी चौबे ने दिया, स्वच्छ पवन, नील गगन का नारा
 इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि स्वच्छ हवा मानव के लिए कई लाभों से जुड़ी हुई है। चौबे ने इस अवसर पर स्वच्छ पवन, नील गगन का नारा दिया। साथ ही कहा कि नीला आसमान पाने के लिए हमें हवा को स्वच्छ बनाने की दिशा में काम करने की जरूरत है और सभी के लिए स्थायी जीवन शैली अपनाने पर जोर दिया जाना चाहिए।
 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.