Monday, Nov 29, 2021
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DAP urea crisis will end soon in Punjab, Central government gives confidence to Punjab

पंजाब में जल्द खत्म होगा DAP यूरिया संकट, केंद्र सरकार ने दिया पंजाब को भरोसा

  • Updated on 10/19/2021

 नई दिल्ली /नेशनल ब्यूरो : पंजाब में डीएपी खाद के संकट से निपटने के लिए पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से गुहार लगाई है। इसको लेकर पंजाब के कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा ने आज यहां मंगलवार को केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडवीया के साथ मुलाकात की। साथ ही उन्हें पंजाब के वर्तमान हालात से रूबरू करवाया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री मांडविया ने पंजाब को तीन-चार दिनों के अंदर डीएपी (डाईअमोनियम फॉस्फेट) के 10 रेक, एनपीके (कॉम्पलेक्स उर्वरक) के 5 रेक और एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) के 2 रेक सप्लाई करने का भरोसा दिया। पंजाब की माँग को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने आने वाले महीनों नवंबर और दिसंबर में पंजाब को यूरिया की उचित सप्लाई देने का भरोसा भी दिया।  मांडविया के साथ मुलाकात के दौरान कृषि मंत्री ने बताया कि रबी फसलों के लिए कुल 5.50 लाख मीट्रिक टन डीएपी की ज़रूरत है, जिसमें से अक्तूबर और नवंबर में गेहूँ की फ़सल की समय से बुवाई के लिए 4.80 लाख मीट्रिक टन डीएपी की ज़रूरत होती है, जिससे गेहूँ की अधिक से अधिक पैदावार को यकीनी बनाया जा सके। बताने योग्य है कि पंजाब में लगभग 35.00 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूँ बोया जाता है। इस दौरान यह भी माँग की कि केंद्र सरकार काले कृषि कानूनों को रद्द करे, जिसके लिए किसान पिछले एक साल से विरोध कर रहे हैं। नाभा ने कहा कि किसान असुरक्षित महसूस कर रहे हैं क्योंकि उनकी दलील है कि इन कृषि कानूनों से बड़े कॉर्पाेरेट घराने उनकी कृषि भूमि को छीन लेंगे।
   केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के बाद पंजाब भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पंजाब के कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य के पास पिछले साल (01 अक्टूबर) के 3.63 एलएमटी के मुकाबले इस वर्ष 1 अक्टूबर को डीएपी का 0.74 लाख मीट्रिक टन ओपनिंग स्टॉक ही उपलब्ध है। भारत सरकार ने अक्तूबर 2021 के दौरान 2.75 एलएमटी की माँग के विरुद्ध सिर्फ़ 1.97 लाख मीट्रिक टन डीएपी ही अलॉट किया है। यह महसूस किया जा रहा है कि गेहूँ की फ़सल की बुवाई के लिए इस महत्वपूर्ण उर्वरक की कमी है और गेहूँ की बुवाई के लिए सिर्फ़ 20-25 दिन बाकी रह गए हैं। श्री नाभा ने कहा कि पंजाब ने अक्तूबर-2021 के लिए राज्य को 1.50 एलएमटी डीएपी की अतिरिक्त अलॉटमेंट सम्बन्धी माँग भी की है और डीएपी की सप्लाई में तेज़ी लाई है। अक्तूबर महीने के लिए केंद्र सरकार की सप्लाई योजना और वास्तविक डिस्पैच संबंधी जानकारी देते हुए नाभा ने बताया कि पंजाब को 197250 मीट्रिक टन की अलॉटमेंट योजना के विरुद्ध सिर्फ़ 80951 डीएपी प्राप्त हुआ, इस तरह कुल अलॉटमेंट का सिर्फ़ 41 फीसदी ही प्राप्त हुआ जबकि हरियाणा को कुल अलॉटमेंट का 89 फीसदी (सप्लाई योजना 58650, भेजा गया 52155), यूपी को 170 फीसदी (सप्लाई योजना 60000 भेजा गया 102201) और राजस्थान को 88 फीसदी (सप्लाई योजना 67890 भेजा 59936) प्राप्त हुआ जो कि केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के साथ सौतेले व्यवहार को दर्शाता है।

हरियाणा के मुकाबले पंजाब में डीएपी कम अलॉट
 कृषि मंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि देश के अन्नदाता के तौर पर जाने जाते पंजाब को उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुकाबले डीएपी की बहुत कम मात्रा अलॉट की जा रही है। इस संवेदनशील मुद्दे पर पिछले छह महीनों से केंद्र सरकार को पंजाब सरकार लिख रही है। केंद्रीय मंत्री को यह भी बताया कि रबी सजीन शुरू होने वाला है और ऐसे समय में डीएपी की कमी किसानों की बेचैनी का कारण बन सकती है। नाभा ने आशा अभिव्यक्ति कि केंद्र द्वारा पंजाब को डीएपी की उचित सप्लाई देने की वचनबद्धता पूरी की जायेगी।

नरमे की फ़सल को बचाने के लिए ट्यूब तकनीक का इस्तेमाल
पंजाब के कैबिनेट मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय मंडी में उर्वरक की अनुपस्थिति के कारण ही डीएपी की कमी पैदा हुई है और केंद्र सरकार जल्द ही पंजाब को डीएपी की अपेक्षित सप्लाई यकीनी बनाएगी। नरमे की फ़सल पर गुलाबी सूंडी के हमले वाले मुद्दे पर पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने पहले ही किसानों को मुआवज़ा देने का वादा किया है। भविष्य में नरमे की फ़सल को इस तरह के हमलों से बचाने के लिए राज्य द्वारा प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. मार्कंडेय के साथ मिलकर नवीनतम ट्यूब तकनीक अपनाई जा रही है।

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