Monday, Sep 26, 2022
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Delhis world class education  is just a hoax, LG should issue white paper: Ramveer  Bidhuri

दिल्ली का वल्र्ड क्लास शिक्षा मॉडल सिर्फ  एक धोखा, एलजी जारी करवाएं श्वेत पत्र: रामवीर सिंह बिधूड़ी

  • Updated on 9/22/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली के उपराज्यपाल से अनुरोध किया है कि दिल्ली के शिक्षा मॉडल पर श्वेत पत्र जारी किया जाए ताकि जनता को पता चल सके कि राजधानी में शिक्षा के नाम पर किस तरह सफेद झूठ बोला जा रहा है। वास्तविकता तो यह है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के शिक्षा ढांचे का भट्टा बिठा दिया है।
       उन्होने क हा कि आम आदमी पार्टी हर साल 100 नए स्कूल खोलने का वादा करके सत्ता में आई थी लेकिन यहां स्कूलों को मर्ज करके 31 स्कूल कम कर दिए। ताजा रिपोर्ट के अनुसार 1027 सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल के 950 स्वीकृत पदों में से 796 खाली हैं वहीं वाइस प्रिंसिपल 1670 होने चाहिए लेकिन 565 नहीं हैं। शिक्षकों के करीब 22 हजार पद खाली पड़े हैं। करीबन 20 हजार से ज्यादा गेस्ट टीचर हैं उन्हें पक्का नहीं किया जा रहा और 500 गेस्ट टीचर्स को कार्यकाल खत्म होने के बाद नई नियुक्ति नहीं दे रहे। करीबन 600 वोकेशनल टीचर भर्ती किए लेकिन कम वेतन के चलते वे काम करने को तेयार नहीं है। 
      रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा, सच है कि 1027 सरकारी स्कूलों में से 745 में तो साइंस-कॉमर्स नहीं पढ़ाई जाती फिर डॉक्टर, इंजीनियर या सीए कहां से बनेंगे। पिछले सात सालों में सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों की संख्या में एक लाख की कमी आ गई है। स्कूलों का असली हाल खजूरी खास जैसे स्कूलों को देखकर पता चलता है। जहां दो शिफ्टों में 7 हजार और दूसरे स्कूल में 12 हजार से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। एक  क्लास में 100 से भी ज्यादा बच्चे हैं जबकि मानकों के अनुसार 40 बच्चों से ज्यादा एक क्लास में नहीं होने चाहिए। दिल्ली सरकार 28 कॉलेजों में से 12 शत प्रतिशत, 16 कॉलेजों में 5 प्रतिशत फंड देती है। लेकिन 12 कॉलेजों में कई महीनों से शिक्षकों, कर्मचारियों को वेतन ही नहीं मिला। 
      उच्च शिक्षा लोन 2021-22 में सिर्फ दो छात्रों को दिया गया। जौनापुर गांव में स्किल सेंटर और यूनिवर्सिटी खोलने का प्रस्ताव दिल्ली केबिनेट ने 2 जुलाई 2012 को पास किया था, सिंगापुर के सहयोग से  इसे खोला जाना था लेकिन दस साल बाद भी यह प्रोजेक्ट सपना है। उन्होने उपराज्यपाल से कहा, दिल्ली के तथाकथित वल्र्ड क्लास शिक्षा मॉडल पर श्वेत पत्र तैयार कराएं क्योंकि इस मॉडल से सिर्फ दिल्ली को ही नहीं ठगा गया बल्कि पूरे देश को धोखा देने की कोशिश की जा रही है। 
 

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