Tuesday, May 21, 2019

विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग 

  • Updated on 5/16/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) ने कोलकाता में हुई हिंसा के दौरान महान समाज सुधारक एवं पश्चिम बंगाल के आदर्श पुरुष के रूप में विख्यात ईश्वरचंद्र विद्यासागर(ishwar chandra vidyasagar) की एक प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

साथ ही उसने अमित शाह (Amit shah) के रोडशो के दौरान हुई हिंसा को धर्मनिरपेक्ष और वैज्ञानिक सोच को समाप्त करने के लिए की गई एक सोची समझी साजिश करार दिया। दिल्ली की एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) की आयोजन समिति ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने वालों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की।

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भाजपा (BJP) और आरएसएस (RSS) विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा ऐसे समय में क्षतिग्रस्त की गई है जब पूरा देश उनकी 200वीं जयंती बनाने की तैयारी कर रहा है। एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के सदस्य के.सी तिवारी ने कहा, ‘‘ महान विद्यासागर की मूर्ती को क्षतिग्रस्त करने को सिर्फ चुनावी हिंसा का हिस्सा नहीं माना जाना चाहिए,

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बल्कि यह धर्मनिरपेक्ष और वैज्ञानिक सोच को खत्म करने की एक सोची समझी साजिश है।’’ कोलकाता में अमित शाह के रोडशो के दौरान हुई हिंसा के दौरान 19वीं सदी के महान समाज सुधारक एवं पश्चिम बंगाल के आदर्श पुरुष के रूप में विख्यात ईश्वरचंद्र विद्यासागर की एक प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त की गयी थी।

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