Thursday, Feb 09, 2023
-->
demand-for-transparency-increased-in-the-election-process-of-congress-president

कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया में ‘पारदर्शिता’ की मांग ने पकड़ा तूल

  • Updated on 8/31/2022

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी, शशि थरूर और कार्ति चिदंबरम ने 17 अक्तूबर को होने जा रहे पार्टी अध्यक्ष के चुनाव से जुड़ी निर्वाचक मंडल (डेलीगेट) की सूची सार्वजनिक करने और चुनाव से संबंधित प्रक्रिया मे निष्पक्षता और पारदर्शिता बरते जाने की मांग की है। तिवारी ने निर्वाचक मंडल की सूची पार्टी की वेबसाइट पर डालने की मांग की। इनसे पहले कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री नेता गुलाम नबी आजाद भी अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया को फर्जी करार दे चुके हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने भी कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में निर्वाचक मंडल की सूची सार्वजनिक करने की मांग रखी थी।

सोनिया गांधी की मां का निधन, प्रधानमंत्री समेत कई नेताओं ने दुख जताया
कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की तिथियां घोषित होने के साथ ही चुनाव प्रक्रिया को लेकर पार्टी के भीतर विवाद बढ़ता जा रहा है। पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ निर्वाचक मंडल की सूची में गड़बड़ी की आशंका से ग्रस्त दिख रहे हैं। आजाद, शर्मा, तिवारी, थरूर और कार्ति जैसे नेताओं ने यही आशंका सार्वजनिक कर दी।
आजाद, शर्मा के बाद मनीष तिवारी, शशि थरूर, कार्ति चिदंबर ने भी उठाया मुद्दा
मामले ने तूल तब पकड़ा, जब बुधवार को लोकसभा सांसद तिवारी ने ट्वीट कर निर्वाचक मंडल की सूची सार्वजनिक करने का आग्रह किया। उन्होंने लिखा, ‘मधुसूदन मिस्त्री जी से पूरे सम्मान से पूछना चाहता हूं कि निर्वाचन सूची के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हुए बिना निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कैसे हो सकता है? निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव का आधार यही है कि प्रतिनिधियों के नाम और पते कांग्रेस पार्टी की वेबसाइट पर पारदर्शी तरीके से प्रकाशित होने चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘यह 28 प्रदेश कांग्रेस कमेटी और आठ क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी का चुनाव नहीं है। कोई क्यों पीसीसी के कार्यालय जाकर पता करे कि प्रतिनिधि कौन हैं? ऐसा क्लब के चुनाव में भी नहीं होता।’ तिवारी ने कहा कि अगर कोई चुनाव लडऩा चाहता है और यह नहीं जानता कि प्रतिनिधि कौन हैं तो वह नामांकन कैसे करेगा क्योंकि उसे 10 कांग्रेस प्रतिनिधियों की बतौर प्रस्तावक जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि 10 प्रस्तावक नहीं होंगे तो नामांकन खारिज हो जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लडऩे के बारे में विचार कर रहे पार्टी सांसद शशि शरूर ने तिवारी से सहमति जताते हुए कहा कि हर किसी को पता होना चाहिए कि कौन मतदान कर सकता है। उन्होंने तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं से कहा कि मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि निर्वाचन सूची को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए। अगर मनीष ने इसके लिए पूछा है तो मुझे भरोसा है कि हर कोई इससे सहमत होगा। हर किसी को जानना चाहिए कि कौन नामित कर सकता है और कौन मतदान कर सकता है।

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी तिवारी की राय का समर्थन किया और कहा कि हर चुनाव के लिए अच्छी तरह से परिभाषित निर्वाचक मंडल होना चाहिए। उन्होंने ट््वीट किया, ‘हर चुनाव में सही ढंग से परिभाषित और स्पष्ट निर्वाचक मंडल होना चाहिए। निर्वाचक मंडल तय करने की प्रक्रिया भी स्पष्ट, सही ढंग से परिभाषित और पारदर्शी होनी चाहिए। अनौपचारिक निर्वाचक मंडल कोई निर्वाचक मंडल नहीं होता।’ काॢत ने कहा, ‘हर क्षेत्र में प्राइमरी होनी चाहिए, लेकिन इसके लिए परिभाषित और पारदर्शी सदस्य सूची जरूरी है। आज हम सदस्यों की संख्या का दावा करते हैं, लेकिन किसी ने इसे सत्यापित नहीं किया है।’

मिस्त्री बोले, पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और कांग्रेस के संविधान के मुताबिक 

लेकिन, कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री सारी आशंकाओं को खारिज करते हुए कह रहे हैं कि पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और कांग्रेस के संविधान के मुताबिक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वोटर तो वे हैं जो प्रतिनिधि (डेलीगेट) हैं। हर पीसीसी के पास इनके नाम हैं। जिसे जरूरत हो, फोन करके ले सकते हैं। निर्वाचक मंडल की सूची को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, लेकिन उम्मीदवारों को यह उपलब्ध करा दी जाएगी।

थरूर चुनाव लडऩे की अर्हता रखते हैं: सुधाकरन 
केरल प्रदेश कांग्रेस कमिटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष के. सुधाकरन ने बुधवार को कहा कि अगर पार्टी सांसद शशि थरूर कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लडऩे की इच्छा रखते हैं तो उनकी आलोचना करने की जरूरत नहीं है क्योंकि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है और उसके सदस्य पार्टी के शीर्ष पद के लिए प्रतिस्पर्धा करने का अधिकार रखते हैं। उन्होंने संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि इसमें आश्चर्य क्या है? क्या वह योग्य उम्मीदवार नहीं हैं? अगर मुझे लडऩे की इच्छा हुई तो मैं भी ऐसा कर सकता हूं और पार्टी इसे स्वीकार करेगी। अगर मुझे मत मिले तो मैं जीत जाउंगा। सुधाकरन ने कहा कि कांग्रेस में ऐसे मुद्दों का लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत समाधान करने की ताकत है।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.