Sunday, Nov 28, 2021
-->
despite-the-bitterness-congress-s-soft-stance-on-lalu-said-everyone-respects-him

तल्खी के बावजूद लालू को लेकर कांग्रेस का रुख नरम, उनके बयानों पर कहा, सभी उनका सम्मान करते हैं

  • Updated on 10/25/2021

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। बिहार की दो सीटों के लिए 30 अक्तूबर को होने जा रहे उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ बिगड़े संबंधों के बावजूद कांग्रेस का राजद प्रमुख लालू यादव के प्रति रुख काफी नरम है। कांग्रेस की उपयोगिता और गठबंधन पर सवाल खड़ा करने और बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास का उपहास उड़ाने के बाद भी लालू यादव के खिलाफ कांग्रेस पलटवार करने से परहेज करती दिख रही है। पार्टी का कहना है कि सभी लालू का सम्मान करते हैं।

PM मोदी का सपा पर वार, कहा- 24 घंटे चलती रहती थी 'भ्रष्टाचार की साइकिल'

करीब तीन साल बाद बिहार पहुंचे लालू यादव ने रविवार को दिल्ली से रवाना होने से पहले मीडिया के सवालों पर बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास को भकचोरन कह कर उनका उपहास उड़ाया था और कांग्रेस की उपयोगिता पर सवाल खड़ा करते हुए कहा था कैसा गठबंधन? लालू ने कहा था कि क्या राजद को विधानसभा उपचुनावों में एक सीट कांग्रेस के लिए छोड़ देनी चाहिए, ताकि वह वहां अपनी जमानत जब्त करा ले। दरअसल, बिहार की जिन दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहा है, उसमें से कुशेश्वरस्थान पर कांग्रेस ने अपना दावा पेश किया था, राजद ने सीट नहीं दी। नाराज कांग्रेस ने भी दोनों सीटों पर अपना अलग उम्मीदवार उतार दिया है। कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्तचरण दास ने बीते दिनों राजद-कांग्रेस गठबंधन खत्म होने की बात कही थी। इसी से जुड़े सवालों पर लालू ने भक्तचरण दास पर तंज कसा था।

लालू से मिलने से रोका तो धरने पर बैठे तेजप्रताप, RJD अध्यक्ष को बताया RSS का आदमी

लालू के बयान को लेकर सोमवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि लालू जी देश के वयोवृद्ध नेता हैं और उनका सब सम्मान करते हैं। हर दल के नेता उनकी ओर देखते हैं और उनसे सीखने की कोशिश करते हैं। जहां तक उपचुनाव की बात है, तो दोनों सीटों पर हार-जीत जनता तय करेगी। सहयोगी दलों के कांग्रेस को महत्व नहीं देने के सवाल पर खेड़ा ने कहा कि कई राज्यों में लोग कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। उस बारे में हमसे कोई सवाल नहीं किया जाता। लेकिन कहीं किसी ने कुछ कह दिया तो हमसे पूछा जाता है। उन्होंने दावा किया कि गुजरात में भाजपा के नेताओं की लंबी सूची है, जो कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं। गोवा में पूरी आम आदमी पार्टी कांग्रेस में शामिल हो गई। इस बारे में तो चर्चा नहीं होती।

अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष बनने के बाद सीएम योगी के समर्थन में उतरे महंत रवींद्र पुरी

राजनीतिक पंडितों का कहना है कि लालू असल में कांग्रेस की जरूरत हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ बनने वाले विपक्षी गठबंधन में लालू ही एक ऐसे नेता हैं जो शरद पवार से लेकर ममता बनर्जी को एक मंच पर लाने का काम कर सकते हैं। वैसे भी बिहार जैसे बड़े राज्य में राजद इस वक्त भी सबसे बड़ी पार्टी है और इसका अपना निष्ठावान मतदाता है। लोकसभा चुनाव में भले ही राजद का प्रदर्शन अपेक्षित नहीं रहा हो, लेकिन वह अपने आप में एक प्रभावशाली दल है। बेवजह कुछ बोल कर कांग्रेस लालू को नाराज करना नहीं चाहती।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.