Monday, May 23, 2022
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Due to the uproar the productivity of the Rajya Sabha decreased by 37 percent

विपक्षी सदस्यों के हंगामे के चलते 37 फीसद घटी राज्यसभा की उत्पादकता

  • Updated on 12/19/2021

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। बारह सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर चल रहे हंगामे के कारण संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे सप्ताह में राज्यसभा की उत्पादकता कम हो गई। इस दौरान सिर्फ 37.60 प्रतिशत ही काम हो पाया है। 

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राज्यसभा सचिवालय के मुताबिक लगातार व्यवधानों ने पहले तीन हफ्तों के लिए सदन की कुल कार्यक्षमता को घटाकर 46.70 प्रतिशत कर दिया। सचिवालय के आंकड़ों के अनुसार राज्यसभा की उत्पादकता पहले सप्ताह में 49.70 प्रतिशत और दूसरे सप्ताह में 52.50 प्रतिशत रही। वहीं, तीसरे सप्ताह में सदन 27 घंटे 11 मिनट के कुल निर्धारित समय में से केवल 10 घंटे 14 मिनट चल सका। राज्यसभा सचिवालय ने बताया कि तीसरे सप्ताह के दौरान सबसे अधिक प्रश्नकाल प्रभावित हुआ, जिसमें सम्बंधित मंत्रियों द्वारा मौखिक रूप से 75 सूचीबद्ध तारांकित प्रश्नों में से केवल चार प्रश्नों के उत्तर दिए गए।

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राज्यसभा सचिवालय ने बताया कि तीसरे सप्ताह के दौरान प्रश्नकाल के लिए उपलब्ध समय का केवल 11.40 प्रतिशत ही इस्तेमाल हो सका, जबकि कामकाज का 62.70 प्रतिशत समय सरकार के विधायी कार्य पर खर्च किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सप्ताह के दौरान हुई कोविड-19 के ओमीक्रोन स्वरूप के मामलों से उत्पन्न स्थिति पर एक अल्प अवधि की चर्चा अनिर्णायक रही। यह चर्चा सोमवार को फिर से शुरू किये जाने के लिए सूचीबद्ध है। सभापति एम. वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को शून्यकाल के 17 मिनट बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया था, जिसमें सरकार और विपक्षी दलों से निलंबन के मुद्दे पर गतिरोध को हल करने का आग्रह किया गया था। 

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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शीतकालीन सत्र के पहले तीन हफ्तों की 15 बैठकों के दौरान, सदन ने छह बैठकों के लिए प्रतिदिन एक घंटे से भी कम समय तक कार्य किया। राज्यसभा सचिवालय ने कहा कि सदन के कामकाज का लगभग 42 प्रतिशत समय अब तक कुल आठ विधेयकों को पारित करने में सरकार के विधायी कार्य पर खर्च हुआ है, जबकि प्रश्नकाल में केवल लगभग 18 प्रतिशत समय खर्च हुआ है, जबकि 217 सूचीबद्ध प्रश्नों में से केवल 56 का मौखिक रूप से उत्तर दिया गया है। तीन सप्ताह के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में अब तक 81 शून्यकाल और 47 विशेष उल्लेख किए गए।

 

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