Friday, Jan 28, 2022
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कंस्ट्रक्शन साइट पर उड़ी धूल, प्रदूषण कानून में रुक जाएगा काम

  • Updated on 9/22/2021


नई दिल्ली/ अनिल सागर। राजधानी में चल रहे निर्माण कार्यों में प्रदूषण सम्बन्धी हिदायतें धूल में उड़ाना अब भारी पड़ेगा। इन दिनों अधिकांश इलाकों में घरेलू और संस्थागत छोटे, बड़े प्लॉट्स पर निर्माण या तोड़फोड़ तो की जा रही है लेकिन धूल, प्रदूषण को लेकर यहां कोई प्रबन्ध नहीं दिखाई देते हैं। इसीलिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने अब सख्ती बरतने की हिदायत दी है। 
 समिति ने सभी परियोजनाओं के ठेकेदार, बिल्डर व अन्य व्यक्तियों अथवा एजेंसियों को निर्देश दिया है कि निर्माण अथवा तोड़फोड़ गतिविधियां तभी करें जब धूल से वायु प्रदूषण ना हो ऐसे प्रबंध कर लें। इसके लिए निर्माण स्थल की परिधि के चारों ओर उपयुक्त ऊंचाई की धूल अथवा हवा रोकने वाली दीवारें खड़ी करें । अगर निर्माण स्थल 20 हजार  वर्ग मीटर का है या उससे अधिक है तो एंटी स्मॉग गन लगाएं।  निर्माणाधीन क्षेत्र अथवा भवन के चारों ओर स्काफोल्डिंग पर तिरपाल या हरा जाल डालें, निर्माण सामग्री, मलबा ले जाने  वाले सभी वाहनों को साफ किया जाना चाहिए। इन वाहनों के  पहियों को धोया जाना चाहिए।
 प्रदूषण से निपटने के लिए निर्माण सामग्री और निर्माण मलबे और ले जाने वाले से वाहनों को कवर करके ले जाना होगा। इसके साथ ही सभी निर्माण, मलबे और किसी प्रकार की निर्माण सामग्री को साइट पर इकट्ठा किया जाना चाहिए और सार्वजनिक सड़कों या फुटपाथ पर नहीं डाला जाना चाहिए।  मिट्टी, रेत, मलबा या जिससे धूल उड़े  वह  खुली नहीं छोड़ी जानी चाहिए।  खुले क्षेत्र में निर्माण सामग्री की ग्राइंडिंग अथवा कटाई नहीं कर सकते हैं। डीपीसीसी ने कहा कि वेटजेट का प्रयोग, ग्राइंडिंग, कटिंग न करें। 
 आने वाले दिनों में पराली से प्रदूषण की सम्भावनाओ को देखते हुए
तोड़फोड़ के कचरे को साइट पर रीसाइक्लिंग करने, अधिकृत रीसाइक्लिंग केंद्र में ले जाने के निर्देश दिए गए हैं।  जहां यह मलबा जाएगा उसका उचित रिकॉर्ड भी  रखना होगा। निर्माण स्थल पर काम करने वाले और निर्माण सामग्री और निर्माण मलबे की लोडिंग अनलोडिंग और ढुलाई में शामिल प्रत्येक श्रमिक को धूल के कणों से बचाने के लिए धूल मास्क ठेकेदार द्वारा दिये जायेंगे। मजदूरों को चिकित्सा सहायता जांच और उपचार की व्यवस्था भी देनी होगी। इसके अलावा निर्माण स्थल पर धूल कम करने के उपायों की प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा जिसको आम जनता  देख सके। डीपीसीसी के सदस्य सचिव के मुताबिक यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो का जुर्माना के साथ साथ परियोजना स्थल पर निर्माण गतिविधियां रोक दी जाएंगी। 
हालांकि फिलहाल हवा है साफ, संतोषजनक 
दिल्ली में फिलहाल हवा  साफ है और खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज ट्वीट कर कहा कि आज वायु गुणवत्ता इंडेक्स 83 है जो कि संतोषजनक श्रेणी में आता है। वहीं पीएम-10-81,पीएम 2.5-31 है। यह मानक अभी संतोषजनक श्रेणी में हैं। हालांकि दिल्ली के सिरीफोर्ट रोड, सोनिया विहार सहित कई इलाके हैं जो मध्यम दर्जे के प्रदूषण वाली सूची में आज नजर आए। 


 

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