Sunday, Oct 02, 2022
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even if there is a flat, plot, you will be able to apply for dda flats, the board approved

फ्लैट, प्लॉट है तब भी डीडीए के फ्लैट लेने के लिए कर सकेंगे आवेदन, बोर्ड ने दी मंजूरी

  • Updated on 3/11/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। अब तक बड़े फ्लैट, प्लॉट होने की वजह से डीडीए आवासीय योजना में आवेदन से वंचित रहने वाले लोग भी अब ऐसी योजना में शामिल हो सकेंगे। एलजी अनिल बैजल की अध्यक्षता में शुक्रवार को डीडीए बोर्ड की बैठक में इस पर मुहर लगा दी गई। हालांकि इसके लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी मामला मंत्रालय से औपचारिक मंजूरी लेना अभी शेष है। इसके साथ ही एम्स अस्पताल को विस्तार देने, दिल्ली में ई वेस्ट अपशिष्ट के निपटान के लिए इको पार्क स्थापित करने पर भी स्वीकृति दी गई। 

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उल्लेखनीय है कि अब तक 67 वर्ग मीटर के भूखंड अथवा फ्लैटधारकों को आवासीय योजना में शामिल होने पर पाबंदी थी। डीडीए अधिकारी ने कहा कि डीडीए (आवासीय संपदा का प्रबंधन और निपटान) विनियम, 1968 में संशोधन करते हुए अधिक खरीदारों को आकर्षित करने के लिए प्राधिकरण ने डीडीए आवासीय विनियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है। ताकि जनता को डीडीए आवास योजनाओं में भाग लेने की अनुमति मिल सके। अधिकारी ने कहा कि संशोधन के बाद अब यदि किसी आवेदक या उनके परिवार के सदस्यों के पास दिल्ली में 67 वर्गमीटर से ऊपर के क्षेत्रफल का प्लॉट, फ्लैट नहीं है तो वे डीडीए की आवासीय 

पहले आओ पहले पाओ के आधार पर  पेशकश
योजना में आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा प्रतीक्षा सूची वाले आवंटियों की संख्या योजना के तहत प्रस्तावित फ्लैटों की संख्या के बराबर होने पर बिना बिके फ्लैटों की पेशकश 'पहले आओ पहले पाओÓ के आधार पर की जा सकती है। 
अधिकारी ने कहा कि फ्लैटों के स्वामित्व की कोई शर्त आवेदकों पर लागू नहीं होगी। अधिकारी ने कहा कि सरल शब्दों में यह मतलब है कि बिना बिके फ्लैट एक आवेदक द्वारा खरीदे जा सकते हैं, भले ही उसके पास दिल्ली में फ्लैट या प्लॉट हो।
एम्स को दिया जाएगा विस्तार
डीडीए अधिकारी ने कहा कि 79.73 हेक्टेयर की पुनर्विकास योजना में विश्व स्तरीय चिकित्सा विश्वविद्यालय के विकास के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को विस्तार देने के लिए भू-उपयोग परिवर्तन पर मुहर लगाई है। अधिकारी ने कहा कि एम्स के लिए राजधानी में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने के लिए डीडीए ने  79.73 हेक्टेयर क्षेत्र में एम्स परिसर के पुनर्विकास की सुविधा के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
इस पुर्नविकास योजना में पूरे परिसर और इसकी सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाना है। ताकि इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाया जा सके। पुर्नविकास का विजन एक स्मार्ट और टिकाऊ परिसर बनाना है जो स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और अनुसंधान की सभी वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करे। करीब 3000 बिस्तरों वाला एक नया अस्पताल, कई स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के लिए एक नया शैक्षणिक और अनुसंधान भवन और नए छात्रावास ब्लॉक इसमें शामिल होंगे। इसके अलावा एमपीडी 2021 के तहत पूरे परिसर को शिक्षा और अनुसंधान विश्वविद्यालयÓ के रूप में विस्तार दिया जाएगा  और परिसर को एकीकृत विकास नियंत्रण मानदंड से तैयार किया जाएगा। हालांकि इसके लिए जनता से राय मांगी गई है। जिसके बाद ही आगे कार्य किया जाएगा। 

ई-अपशिष्ट प्रबंधन (इकोपार्क) की स्थापना

ई-अपशिष्ट के समुचित प्रबंधन के लिए डीडीए ने होलम्बी कलां गांव, जोन पी-2 (नरेला सब सिटी), दिल्ली में ई-वेस्ट मैनेजमेंट (इकोपार्क) की स्थापना के लिए 8.50 हेक्टेयर (21 एकड़) भूमि चिन्हित कर भू-उपयोग परिवर्तन पर मुहर लगाई है। इसके साथ ही एनडीआरएफ के कार्यालय के लिए भी भूमि तय करते हुए प्रस्ताव को स्वीकृत किया है। 
 

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