Tuesday, Nov 30, 2021
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किसान नेताओं ने मंजूरी को बताया औपचारिकता हुई पूरी, बाकी मंागों के पूरे होने का इंतजार 

  • Updated on 11/24/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। किसान नेताओं ने मंत्रिमंडल द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए पेश किए जाने वाले विधेयक को बुधवार को दी गई मंजूरी को  औपचारिकता करार देते हुए अन्य मांगों, विशेषकर कृषि उपजों के एमएसपी की कानूनी गारंटी को पूरा करने की मांग की है। किसान नेताओं ने इसका स्वागत करते हुए इसे प्रदर्शनकारी किसानों के लिए पहली जीत बताया और कहा कि आंदोलन, प्रदर्शन जारी रखेंगे।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा के कुछ पांचवें दिन ही कृषि कानून वापसी विधेयक-2021 को मंजूरी दे दी गई और अब 29 नवम्बर को शुरू हो रहे संसद सत्र के दौरान लोकसभा में पारित करने के लिए पेश किया जाएगा। राष्ट्रीय किसान महासंघ  के शिवकुमार कक्काजी ने कहा कि  वापसी के लिए विधेयक को मंजूरी औपचारिकता और एक वैधानिक प्रक्रिया है। अब हम चाहते हैं कि सरकार हमारी अन्य मांगों पर भी विचार करे। अच्छा लगता अगर कानूनों को वापस लेने का फैसला लेने के बाद, उन्हें हमारे साथ अगले दौर की वार्ता करते। 
    भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत ने भी ट््वीट कर कहा कि यह प्रदर्शन अब तक समाप्त नहीं हुआ है और 27 नवम्बर को हमारी बैठक होगी जिसमें हम आगे का फैसला लेंगे। (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी जी ने कहा था कि एक जनवरी से किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी, इसलिए हम पूछना चाहते हैं कि यह कैसे होगा। किसानों की जीत तब सुनिश्चित होगी जब उन्हें उनके उत्पाद का सही दाम मिलेगा। 
     संयुक्त किसान मोर्चा सदस्य कविता ने कहा कि मंत्रिमंडल की मंजूरी ताॢकक कदम है। इसका कोई महत्व नहीं है क्योंकि इसकी घोषणा 19 नवम्बर को पहले ही हो चुकी है। हमे बाकी मांगों के पूरे होने के इंतजार है। कविता एसकेएम की सदस्य हैं। राष्ट्रीय किसान मजदूर सभा के प्रतिनिधि और किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मंत्रिमंडल से मिली मंजूरी किसानों के लिए बड़ा दिन है। इससे सरकार का रुख आधिकारिक हो गया है।  
    किसानेां ने कहा कि एमएसपी के मुद्दे पर भी हम चर्चा करना चाहते हैं और प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के साझा मंच संयुक्त किसान मोर्चा एमएसपी पर कृषि उपज की खरीद की कानूनी गांरटी सहित किसानों की छह मांगों पर वार्ता बहाल करने की मांग कर चुका है। इसके साथ ही लखीमपुर खीरी मामलों के संबंध में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को पद से हटाने और उन्हें गिरफ्तारी करने, किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने और प्रदर्शन के दौरान मारे गए किसानों की याद में स्मारक बनाने, उनके परिजनों को मुआवजा देने की मांग शामिल है।     
 

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