Monday, Dec 06, 2021
-->
farmer protest 26 january delhi delhi chalo protest sobhnt

15 जनवरी को नहीं हुआ समाधान तो किसान 17 को बनाएंगे ट्रैक्टर परेड का प्लान

  • Updated on 1/14/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कृषि कानूनों (Agriculture bill) का विरोध कर रहे किसानों और सरकार के बीच 15 जनवरी को एक और बैठक होने वाली है। इस बैठक में किसान चाहते हैं कि सरकार इन तीनों कानूनों को वापस लेने का निर्णय ले ले ताकि इसके बाद वह आराम से घर जा सके। किसानों ने हाल में लोहड़ी का त्यौहार अपने घर मनाया था। वह चाहते हैं कि सरकार अब जल्दी से निर्णय ले। अगर सरकार ने 15 जनवरी को भी टालमटोल किया तो किसान संगठन अपने प्रदर्शन को तेज कर देंगे और 17 जनवरी को राजपथ (Rajpath) पर जाने का प्लान बनाएंगे। 

विशेष विवाह अधिनियम में नोटिस का अनिवार्य प्रकाशन निजता के अधिकार का उल्लंघन : अदालत  

17 जनवरी को बनाएंगे प्लान
बता दें 48 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर पड़े इन किसानों का कहना है कि सरकार से वह 15 जनवरी वाली वार्ता में बात करने तो जाएंगे मगर सरकार ने हमारी बात नहीं मानी तो उसी दिन से अपने आंदोलन को तेज कर देंगे। और 17 जनवरी से ट्रैक्टर रैली निकाले जाने का प्लान किया जाएगा। प्लान किया जाएगा कि ट्रैक्टर मार्च केवल दिल्ली के चारों सीमाओं पर करना है या फिर 26 जनवरी पर परेड पर करना है। इसके अलावा संसद भवन जाना है कि नहीं इन सबकी चर्चा 7 जनवरी को की जाएगी। 

मोदी सरकार के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य की तारीख तय

परेड में होंगे शामिल
बता दें बुधवार को किसानों ने लोहड़ी का त्यौहार भी प्रदर्शन स्थल पर मनाया। किसानों ने लोहड़ी की आग में तीनों कृषि कानूनों की प्रति भी जलाई। इस दौरान किसानों रेवडियां और मुगफली जैसे अन्य खाने के सामान भी बांटे। किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि वह जल्द ही किसानों के बारे में सोचे नहीं तो वह जल्द ही राजपथ पर परेड में शामिल होंगे। 
किसान सरकार पर दवाब बनाने के लिए बार-बार इस बात को कह रहे हैं। 

AAP गुजरात अध्यक्ष को उठा ले गई पुलिस, केजरीवाल के निशाने पर भाजपा  

कृषि कानूनों पर लगी रोक
बता दें इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तीनों कृषि कानूनों पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही इस कानून से संबंधित विवाद को हल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी के गठन का भी निर्देश दिया है जो संबंधित पक्षों के विवादित मामलों की सुनवाई करेगी। कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि कोई ताकत उसे नए कृषि कानूनों पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए समिति का गठन करने से नहीं रोक सकती और उसे समस्या का समाधान करने के लिए कानून को निलंबित करने का अधिकार है। 


SC के फैसले पर किसान ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
सिंघु बॉर्डर से एक किसान (Farmer) ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के रोक का कोई फायदा नहीं है क्योंकि यह सरकार का एक तरीका है कि हमारा आंदोलन बंद हो जाए। यह सुप्रीम कोर्ट का काम नहीं है यह सरकार का काम था, संसद का काम था और संसद इसे वापस ले। जब तक संसद में ये वापस नहीं होंगे हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

 

यहां पढ़ें अन्य बड़ी खबरें...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.