Thursday, Apr 15, 2021
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किसान आंदोलन पर बोले कवि कुमार विश्वास, दोनों पक्ष मिलकर निकाले समाधान

  • Updated on 1/30/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल।  दिल्ली (Delhi) की सीमाओं पर पिछले 2 महीनों से केंद्र सरकार के कृषि कानून (Agriculture Law) के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा है। दिल्ली की सभी सीमाओं पर किसान आंदोलन कर रहे हैं। इन किसानों की सरकार के साथ कई दौर की बातचीत होने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला है। इसके अलावा हाल मे 26 जनवरी को जिस तरह से लालकिले पर भीड़ हिंसक हुई है। उसके बाद कई लोग इस आंदोलन पर अपनी नाराजगी दिखा रहे हैं। इसी बीच देश के मशहूर कवि कुमार विश्वास ने ट्वीट करके दोनों पक्षों से जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए कहा है।  

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क्या बोेले कुमार 
उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि किसानों और सरकार को अब इस मसले का जल्द ही हल निकालना चाहिए। वह कहते हैं कि जिस तरह के हालत कुछ समय से बने हुए हैं और जैसे हालात अभी बन गए हैं। उससे देश में दुनिया में भारत की छवि खराब हो रही है। वह कहते हैं कि सरकार और किसानों को थोड़ा और झुकना चाहिए ताकि किसी समाधान पर पहुंचा जा सके।  

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सरकार किसानों के साथ कर रही अन्याय
उन्होंने आरोप लगाया था कि नए कृषि कानूनों को निरस्त न कर सरकार द्वारा किसानों के साथ ‘अन्याय’ किया जा रहा है। एक आंदोलनकारी किसान ने शुक्रवार को रोहतक के एक टोल प्लाजा के निकट कहा, ‘‘हम एक किसान नेता के साथ ऐसा बर्ताव सहन नहीं कर सकते। हम सभी एकजुट हैं और हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार कृषि कानूनों को रद्द नहीं करती। जींद के कंडेला में किसानों ने बृहस्पतिवार की रात जींद-चंडीगढ़ सड़क को कुछ घंटे के लिए जाम कर दिया था। वे गाजियाबाद प्रशासन द्वारा यूपी गेट को खाली करने संबंधी किसानों को दिए गए अल्टीमेटम का विरोध कर रहे थे। खाप नेता आजाद सिंह पालवा ने जींद में पत्रकारों से कहा कि यह प्रचार किया जा रहा है कि किसानों का आंदोलन कमजोर हुआ है, जबकि ऐसा नहीं है।     

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लुक आउट नोटिस की निंदा की
उन्होंने कहा कि हम किसान नेताओं को जारी किए गए लुकआउट नोटिस की निंदा करते हैं। हम सरकार को एक विरोध स्थल खाली करने के लिए अल्टीमेटम देने की भी निंदा करते हैं। हम सरकार को चेतावनी देना चाहते हैं कि इस तरह के कदम से आंदोलन कमजोर नहीं होगा, बल्कि यह और मजबूत होगा सिंह ने कहा कि आंदोलन से और लोगों को जोडऩे के वास्ते ग्रामीणों तथा लोगों से चंदा एकत्र किया जाएगा। करनाल में स्थानीय किसानों ने बृहस्पतिवार को बस्तारा टोल प्लाजा पर अपना ‘धरना’ फिर शुरू किया था। हालांकि शुक्रवार को टोल प्लाजा के निकट भारी पुलिस बल तैनात करने की खबरें हैं और प्रशासन ने विरोध स्थल को फिर से खाली करा लिया है और प्लाजा पर सामान्य कामकाज शुरू हो गया है। इस बीच, हरियाणा बीकेयू के प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने एक वीडियो संदेश में अपने समर्थकों से दिल्ली की सीमाओं के निकट विरोध स्थलों पर पहुंचने की अपील की। उन्होंने किसानों से 30 जनवरी को हरियाणा के सभी टोल प्लाजा पर धरना देने की भी अपील की।     

 

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