Friday, May 20, 2022
-->
farmers will not go without getting the agriculture law back

बिना कृषि कानून वापिस करवाए घर नहीं जाएंगे किसान

  • Updated on 10/24/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के बयान पर किसानों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसान आंदोलन को कुछ संगठनों द्वारा छोड़ दिया गया है और जल्द समाप्त हो जाएगा यह गलत धारणा है। किसान किसी भी कीमत पर धरना नहीं समाप्त करेंगे और तीनों कृषि कानून वापसी पर ही वे घर जाएंगे। 
        संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि कृषि मंत्री के बयान के चलते ही मध्य प्रदेश के सतना में उन्हें स्थानीय किसानों को विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होने कहा कि कृषि मंत्री की यह इच्छा ठीक उसी  रणनीति का हिस्सा है जो मोदी सरकार द्वारा  आंदोलन के संबंध में अपनाई जा रही है, जब  22 जनवरी 2021 के बाद से औपचारिक वार्ता बंद की गई थी। 
        किसान नेताओं ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा सरकार को चेतावनी देना चाहता है कि वह खुद जोखिम उठाकर इस सोच पर विश्वास करे। दिल्ली की सरहदों पर 11 महीने पूरे होने जा रहे हैं और किसानों का आंदोलन पहले से ज्यादा मजबूत और व्यापक हुआ है। एसकेएम ने मंत्री और मोदी सरकार के अन्य नेताओं को चेतावनी दी है कि उनका आत्मसंतोष उन्हें ही नुकसान करेगा। लोकतंत्र में कोई भी चुनी हुई सरकार सबसे अधिक संख्या वाले किसानों, श्रमिकों और नागरिकों की एकजुट आवाज, मांगों को नजरअंदाज नहीं कर सकती है, खासकर तब जबकि  मांगें सही हों और आजीविका को प्रभावित कर रही हों। 
 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.