Sunday, Oct 17, 2021
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gole market plans made only on paper

सिर्फ कागजों पर बनी योजनाएं, नहीं मुक्कमल हो पाई गोल मार्केट

  • Updated on 9/13/2021

नई दिल्ली। अनामिका सिंह। बडे-बडे हवाई सपने वो भी सिर्फ कागजों तक सिमटे हुए। ऐसा ही कुछ हाल है नई दिल्ली क्षेत्र में बनी गोल मार्केट का। इसे कई बार कागजों पर बनाने की योजना की शुरूआत की गई। हर बार नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के बजट भाषण में इस पर भी कुछ ना कुछ टिप्पणी की जाती और हर बार नए रूप में प्रारंभ किए जाने का आश्वासन दिया जाता बावजूद उसके आज भी गोल मार्केट टीन शेड से ढकीं खडी हुई है और इसे संरक्षित कर नया रूप देने की योजना अधर में लटकी हुई है।
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सिंगापुर की तर्ज पर संग्रहालय व मार्केट बनाए जाने की थी योजना
बता दें कि साल 2013 से पहले यहां थ्री डी संग्रहालय विकसित किए जाने की बात कही थी। जहां दिल्ली के इतिहास से जुडी पुरातात्विक महत्व की वस्तुओं को रखे जाने की धोषणा की गई थी, यही नहीं बकायदा दिल्ली अर्बन आर्ट कमीशन के पास प्रस्ताव भी भेजा गया था। लेकिन साल 2014 में इसे बदलकर मार्केट के रूप में विकसित करने का फैसला एनडीएमसी ने लिया। इसके पीछे की वजह इस जगह से लाभ कमाना बताया गया। संरक्षण के नाम पर पूरे मार्केट को खाली भी करवा दिया गया। यहां राजधानी की सबसे बढियां व मशहूर मिठाई और मीट व मछली की दुकानें हुआ करती थीं। उसके बाद साल 2015 में गोल मार्केट में दिल्ली के इतिहास से परिचय करवाने वाले कल्चरल हब के तौर पर इसे तैयार करने की बात कही गई। दृश्य व श्रव्य माध्यमों के द्वारा 1905 के बाद दिल्ली की महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी यहां से पर्यटकों को मिलने वाली थी। इसके साथ ही यहां दस मंजिला शाॅपिंग काॅप्लैक्स बनाया जाना था जो रातभर गुलजार भी रहता। उस समय सिंगापुर की तर्ज पर इसे डेवलप करने के बारे में कहा गया था, इतना ही नहीं 3 हजार कारों की पार्किंग की योजना भी यहां बनाई गई थी जो सिर्फ कागजों पर ही बन पाया। 
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कई बार बढाई गई डेड लाइन
साल 2017 में उस समय एनडीएमसी के अध्यक्ष रहे नरेश कुमार एक नई योजना लेकर आए जिसमें गोल मार्केट में संग्रहालय, फूड कोर्ट, संवाद केंद्र सहित सांस्कृतिक व ऐतिहासिक विरासत की झलक की बात कही गई, इसके लिए डेडलाइन दिसंबर 2018 बताई गई लेकिन फिर भी यह काम अधर में लटका रहा। इसके बाद भी समय-समय पर डेड लाइन बढती रही। वहीं साल 2020-21 के बजट में गोल मार्केट एनडीएमसी के बजट का हिस्सा नहीं बन पाया।
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क्या है ऐतिहासिक महत्व
गोल मार्केट एडविन लुटियंस द्वारा डिजाइन किया गया अष्टकोणीय बाजार है। जिसे 1921 में बनाया गया था। ये अगल-बगल के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक प्रकार का आवासीय बाजार था। यहां तकरीबन दो दर्जन से अधिक दुकानें थीं। साल 2007 में इस इमारत को असुरक्षित घोषित कर खाली करवाने का आदेश एनडीएमसी ने दिया था। 
 

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