Monday, May 23, 2022
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govt does not want to discuss sit report in lakhimpur incident rahul gandhi uproar in parliament

राहुल का आरोप, लखीमपुर केस में SIT रिपोर्ट पर चर्चा नहीं होने देना चाहती सरकार, संसद में हंगामा

  • Updated on 12/15/2021

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में विशेष जांच दल ( SIT) की ताजा रिपोर्ट को लेकर बुधवार को संसद में खूब हंगामा हुआ। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड़ से सांसद राहुल गांधी ने एसआईटी की रिपोर्ट पर चर्चा के लिए कार्यस्थगन नोटिस दिया जिस पर आसन से कोई व्यवस्था नहीं मिली। हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही। इस मामले में सरकार ने कहा कि मसला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए संसद में चर्चा नहीं हो सकती।

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संसद की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होने के साथ ही राहुल गांधी ने लोकसभा में कार्यस्थगन का नोटिस देकर नियत कामकाज स्थगित कर लखीमपुर खीरी मामले में एसआईटी रिपोर्ट पर चर्चा की मांग की। इस मुद्दे पर कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए स्पीकर के आसन के करीब तक पहुंच गए। कई सदस्यों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफे की मांग वाली तख्तियां हाथों में ले रखी थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को व्यवस्थित करने की कोशिश की। लेकिन विपक्षी सदस्यों का हंगामा शांत नहीं हुआ, जिसके चलते पहले अपराह्न दो बजे तक और फिर पूरे दिन के लिए लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

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इस मुद्दे पर उच्च सदन, राज्यसभा में भी विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा काटा। इसके चलते सदन की कार्यवाही लगातार बाधित रही। सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि उन्हें इस संदर्भ में कोई नोटिस नहीं मिला है। इसी बीच, कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में कथित अशोभनीय आचरण के लिए शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किए गए बारह सांसदों का निलंबन रद्द करने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा कर रहे कुछ विपक्षी सदस्य आसन के निकट आ गए और नारेबाजी करने लगे। नायडू ने सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे तक के लिए और बाद में दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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कार्यस्थगन नोटिस पर चर्चा नहीं होने पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सदन में उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मंत्री अजय मिश्रा को इस्तीफा देना पड़ेगा और जेल जाना होगा। हम नहीं छोड़ेंगे। पांच साल, 10 साल या 15 साल लग जाएं, मंत्री को जेल जाना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि एक तरफ वे किसानों से माफी मांगते हैं और दूसरी तरफ जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा तक नहीं देते और एक ऐसे व्यक्ति को अपनी मंत्रिपरिषद में रखा है जो हत्यारा है। 
वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के बयान को अताॢकक बताते हुए कहा कि यह मसला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए इस पर संसद में चर्चा नहीं हो सकती। 

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