Wednesday, Aug 10, 2022
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हरीश रावत की जगह हरीश चौधरी पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी, राजस्थान में जुड़ा है विवादों से नाता

  • Updated on 10/22/2021

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। एक एनकाउंटर मामले में विवादों में घिरे राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी को कांग्रेस ने पार्टी की पंजाब इकाई का प्रभारी नियुक्त किया है। वे हरीश रावत की जगह लेंगे। हरीश रावत को पार्टी ने एआईसीसी महासचिव और पंजाब कांग्रेस प्रभारी पद से मुक्त कर दिया है। हालांकि कांग्रेस कार्य समिति (CWC) का सदस्य वे बने रहेंगे।

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हरीश रावत पिछले दिनों राहुल गांधी से मुलाकात कर पंजाब के दायित्व से मुक्त करने की गुजारिश की थी। वे खुद को अब पूरी तरह उत्तराखंड में केंद्रित करना चाहते हैं। उत्तराखंड में भी पंजाब के साथ ही अगले साल विधानसभा चुनाव है। पार्टी ने उन्हें उत्तराखंड विधानसभा चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बना रखा है। लेकिन पंजाब प्रदेश कांग्रेस में पिछले कई महीनों से चल रही उठापटक के चलते रावत उत्तराखंड को वक्त नहीं दे पा रहे थे। हाल के दिनों में उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में अतिवृष्टि की वजह से आई आपदा में पीड़ित परिवारों का दर्द न बांट पाने की अपनी वेदना उन्होंने राहुल गांधी से मिल कर व्यक्त की थी। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को जारी एक बयान में रावत को एआईसीसी महासचिव एवं पंजाब प्रभारी पद की जिम्मेदारी से मुक्त करने की जानकारी दी। लेकिन वे CWC का सदस्य बने रहेंगे।

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प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त किये जाने के बाद रावत ने ट्विट कर सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस नेतृत्व और पंजाब कांग्रेस के अपने सहयोगियों का धन्यवाद किया। वहीं, नई जिम्मेदारी मिलने पर हरीश चौधरी ने ट्विट किया, ‘‘संगठन द्वारा मुझे पंजाब एवं चंडीगढ़ के प्रभारी की जो जिम्मेदारी दी हैं इसके लिए मैं सोनिया गांधी जी, हमारे नेता राहुल गांधी जी का आभारी हूं। पंजाब कांग्रेस के सभी साथियों के साथ मिलकर मजबूती से संगठन के लिए काम करेंगे।’’ हरीश चौधरी को राहुल गांधी का भरोसेमंद माना जाता है। वे पिछले कई महीने से पंजाब में कांग्रेस संगठन और सरकार के घटनाक्रमों पर नजर रख रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ कांग्रेस विधायकों और कई नेताओं के आवाज बुलंद करने के पीछे के घटनाक्रम का उन्हें एक प्रमुख सूत्रधार माना जाता है। चरणजीत चन्नी को मुख्यमंत्री चुने जाने के समय पर्यवेक्षक की भूमिका में थे।

विवादों से है नाता, विपक्ष को मिला बैठे बिठाए मुद्दा
राजस्थान की अशोक गहलोत कैबिनेट में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी का विवादों से पुराना नाता है। उनकी नियुक्ति कर कांग्रेस ने बैठे-बिठाए विपक्ष को एक और मुद्दा दे दिया। राजस्थान के बाड़मेर में इसी साल के शुरुआत में हुए कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले में हरीश चौधरी और उनके भाई मनीष चौधरी सीबीआई के रडार पर हैं। राजस्थान में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने ही इस मामले को तूल दिया था, जिसके बाद राज्य सरकार को सीबीआई जांच की सिफारिश करनी पड़ी थी। कमलेश प्रजापत की पत्नी ने अपने शिकायत पत्र में चौधरी का नाम लिया है। बताया जाता है कि कमलेश प्रजापत पूर्व में चौधरी परिवार के कारोबार से ही जुड़ा था, लेकिन बाद में उसने अपना खुद का अलग कारोबार करने लगा। आरोप है कि व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते ही चौधरी परिवार ने कमलेश के खिलाफ गलत पुलिस केस बनवाया जिसके चलते बाद में उसका एनकाउंटर हुआ। हालांकि हरीश चौधरी इन आरोपों को निराधार बताते रहे हैं।

 

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