Friday, May 07, 2021
-->
haryana farmers protest national highway singhu border sobhnt

किसानों ने हाइवे पर की पक्की दीवार खड़ी, पुलिस ने किया केस दर्ज

  • Updated on 3/15/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। हरियाणा राष्ट्रीय राजमार्ग से किसान आंदोलन के समय कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि किसान अब आंदोलन को गर्मियों में चलाने के लिए सड़क पर ही पक्के निर्माण कर रहे हैं। बता दें सिंघू बाॉर्डर के नजदीक कुछ किसानों ने पक्की दीवार के साथ ही हाइवे पर बोरवेल भी खोद दी है। पुलिस ने इसकी सूचना मिलने पर किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।  

आयोग का बड़ा एक्शन! हटाये गए ममता के सिक्योरिटी डायरेक्टर,DM और SP पर भी गिरी गाज 

खुद के पैसों से बना रहे घर 
बता दें दिसम्बर-जनवरी की कड़ाकेदार सर्दी सड़कों पर गुजार देने वाले किसानों को हौंसला जब भी नहीं टूटा था। जब केंद्र सरकार ने इनकी राह में नुकीली कांटे के तार बिछा दिए थे। अब यह लोग खुद के संसाधनों से 20,000-25,000 रुपए जोड़कर कच्चा माल मंगा रहे हैं और खुद ही अपने लिए हाइवे पर ही अस्थायी आशियाना बना रहे हैं। बता दें कुछ किसानों का कहना है कि अभी गर्भी का मौसम आ गया है। इस मौसम में किसानों को गेंहू की फसल काटने के लिए टैक्ट्रर ट्राली की आवश्यकता पड़ती है। मजबूरी में अब उन्हें ट्रैक्टर वापस घर भेजना पड़ेगा। इसलिए भी वह अपने लिए इन मकानों को तैयार कर रहे हैं। 

West Bengal: विपक्ष को चोट देने व्हीलचेयर से गांधी मूर्ति पहुंची ममता बनर्जी, शुरु हुई पदयात्रा

10 दौर की बातचीत हुई फेल
बता दें केंद्र सरकार के साथ 10 दौर की बातचीत होने के बाद भी किसानों और सरकार के बीच कोई सहमति नहीं बनी है। किसानों का आरोप है कि केंद्र सरकार उद्योगपतियों पर दया दिखा रही है। बता दें किसान पहले भी कई भारत बंद बुला चुके हैं। ऐसे में एक बार फिर से किसानों ने सरकार को अपनी ताकत दिखाने के लिए 26 मार्च को भारत बंद बुलाया है।  

देश में एक बार फि‍र बढ़ा कोरोना का कहर, कई लॉकडाउन तो कही पूरा इलाका हुआ सील

संयुक्त किसान मोर्चा कर रहा है नेतृत्व
गौरतलब है कि देश के कई छोटे- बड़े किसान संगठन केंद्र सरकार के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले एक साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। यह किसान आंदोलन उस समय पूरी दुनिया के लिए चर्चा का विषय बन गया था। जब किसानों के एक समूह ने लाल किले पर जाकर एक विशेष धर्म का झण्डा फहरा दिया था। उसके बाद सरकार ने कई किसान नेताओं को गिरफ्तार भी किया था। इसके अलावा इस किसान आंदोलन को दुनियाभर का उस समय समर्थन भी मिला था जब अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना और अंतराष्ट्रीय पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने इसे लेकर ट्वीट किया था।   

 

ये भी पढ़ें:

comments

.
.
.
.
.