Sunday, Mar 24, 2019

मौजूदा गृहमंत्री नोएडा से लड़ेगें चुनाव, जानिये क्या है वजह

  • Updated on 3/13/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। लोकसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए है। साथ ही चुनाव को लेकर उठापटक चालू हो गई हे। अब ऐसे में सवाल टिकट देने का है किसे दें और किसे नहीं। खैर इन सब के बावजूद लोकसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवार तय करने में जुट गए हैं। लेकिन बुरी खबर है कि उत्तर प्रदेश के कई वर्तमान सांसदों के टिकट काटने पर भारतीय जनता पार्टी में मंथन चल रहा है।

साथ ही कई वर्तमान सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के टिकट इधर से उधर हो सकते हैं। अब खबर है कि लखनऊ से सांसद और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह इस बार गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) संसदीय सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं मौजूदा लोकसभा में गौतम बुद्ध नगर संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा को राजस्थान के अलवर भेजा जा सकता है।

महागठबंधन से बचाने की कवायद

उत्तर प्रदेश में सपा - बसपा गठबंधन के मद्देनजर, प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सत्ता विरोधी लहर से पार पाने के लिए मौजूदा सदस्य को टिकट नहीं देने के अपने आजमाए गए फॉर्मूले के तहत काम कर रहे हैं। ऐसे में राजनाथ सिंह नोएडा से चुनाव लड़ सकते हैं और प्रतिष्ठित गौतम बुद्ध नगर संसदीय सीट से वर्तमान सांसद और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा को राजस्थान के अलवर से पार्टी का प्रत्याशी बनाया जा सकता है। अगर राजनाथ इस बार नोएडा से चुनाव लड़ते हैं तो वह लगातार तीसरी लोकसभा का चुनाव अपनी तीसरी नई सीट से लड़ेंगे। वह 2009 में गाजियाबाद और 2014 में लखनऊ से लड़ चुके हैं।

बीजेपी सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व और RSS की ओर से स्थानीय स्तर पर कराए गए शुरुआती सर्वेक्षण में गौतम बुद्ध नगर की ग्रामीण आबादी में पार्टी के प्रति गुस्सा है, जोकि इस संसदीय क्षेत्र की कुल आबादी का 40 प्रतिशत है। संसदीय क्षेत्र में नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों के विधानसभा क्षेत्र खुर्जा, सिंकदराबाद और जेवर आते हैं। लेकिन पार्टी के सर्वेक्षण में यहां के ग्रामीण इलाकों में शर्मा के प्रति गुस्से की वजह से पार्टी पेशे से डॉक्टर शर्मा को अलवर सीट से चुनाव लड़वाने की सोच रही है। उनका जन्म अलवर के मनेठी गांव में हुआ था। शर्मा ने 2014 में यहां से सपा के नरेंद्र भाटी को 2,80,212 मतों के अंतर से हराया था। बसपा के सतीश कुमार को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ था।

उपचुनाव में बीजेपी के हॉथ से निकल गई थी अलवर सीट

बीजेपी की ओर से महंत चंद नाथ ने 2014 लोकसभा चुनाव में अलवर लोकसभा सीट से भंवर जितेंद्र सिंह को 2,83,895 मतों के अंतर से हराया था। सांसद महंत चंद नाथ का 2017 में कैंसर की वजह से निधन हो जाने के बाद 2018 में कराए गए उपचुनाव में बीजेपी के जसवंत सिंह यादव को कांग्रेस के करण सिंह यादव के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। राजस्थान बीजेपी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अलवर और अजमेर को छोड़कर 23 लोकसभा सीटों पर संभावित उम्मीदवारों के बारे में चर्चा हो चुकी है, जबकि उक्त दोनों सीटों पर शीर्ष नेतृत्व फैसला लेगा।

विधायक राजपूतों की संख्या ज्यादा

राजनीति पार्टियों द्वारा ऊपरी तौर लगाए गए अनुमान के मुताबिक,  गौतम बुद्ध नगर संसदीय क्षेत्र के करीब 19 लाख मतदाताओं में से 12 लाख वोटर्स ग्रामीण इलाके से आते हैं जबकि शेष 7 लाख शहरी मतदाता हैं। इनमें मुस्लिम, गुज्जर और जाटों के बाद राजपूतों की संख्या सबसे अधिक है। यह वही जातीय समीकरण रहा जिसकी बदौलत 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी यहां की सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाब रही थी। क्षेत्र में 5 में से पार्टी के 3 विधायक राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह, बिमला सोलंकी और धीरेंद्र सिंह राजपूत हैं।

संसदीय क्षेत्र का सामाजिक समीकरण हमेशा राजनाथ सिंह के पक्ष में रहा है। राजनाथ को 2009 लोकसभा चुनाव में गौतम बुद्ध नगर से चुनाव लड़ने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने गाजियाबाद से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। 2014 लोकसभा चुनाव वह लखनऊ से चुनाव लड़े और जीते। कभी इस सीट का प्रतिनिधित्व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी करते थे।

राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल भी दावेदार

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल भी गौतम बुद्ध नगर सीट के लिए अपना दावा ठोक रहे हैं। पेशे से चार्टर अकाउंटेंड अग्रवाल को 2014 में इस सीट से टिकट देने का वादा किया गया था, लेकिन अंतिम मौके पर पार्टी ने शर्मा को यहां से टिकट दे दिया। साथ ही उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा के बीच चुनाव पूर्व हुए समझौते के बाद गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट बसपा के पास है, जहां से गठबंधन प्रभारी सतबीर नागर चुनाव लड़ेंगे।

मेनका गांधी भी कर सकती हैं अपनी सीट का त्याग!

केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी आने वाले लोकसभा चुनावों में अपने बेटे वरुण गांधी के लिए पीलीभीत संसदीय सीट छोड़ सकती हैं। सूत्रों का कहना है कि मेनका ने कहा है कि इस मामले में अंतिम फैसला बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व लेगा। बीजेपी वरुण गांधी को उनकी सीट सुल्तानपुर की जगह पीलीभीत से चुनाव लड़वा सकती है। वरुण अभी सुल्तानपुर से लोकसभा सांसद हैं। सुल्तानपुर अमेठी के निकट है और यहां से उनके चचेरे भाई और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव लड़ते हैं।

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