Tuesday, Jun 28, 2022
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ब्रिटिश सरकार को झुका महात्मा गांधी का बढ़ाया सम्मान, गैर आईएएस विनय कुमार सक्सेना संभालेंगे दिल्ली

  • Updated on 5/23/2022

नई दिल्ली/अनिल सागर। ब्रिटिश सरकार को माफी मांगने पर मजबूर कर, दुनिया के महान नेताओं की दीर्घा में महात्मा गांधी की मूर्ति स्थापना का सम्मान देने वाले विनय कुमार सक्सेना देश की राजधानी के 22वें ऐसे उपराज्यपाल बनेंगे जो कि भारतीय प्रशासनिक सेवाओं से संबंधित नहीं हैं। वह अभी महात्मा गांधी की प्रिय खादी को जन-जन तक पहुंचाने वाले खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन हैं। खादी से 32 लाख से अधिक रोजगार, जन-जन तक उसकी पहुंच और एक लाख करोड़ रुपए के शिखर तक पहुंचाने वाले विनय कुमार अब दिल्ली के उपराज्यपाल के तौर पर नया इतिहास लिखेंगे। 
        दिल्ली के उपराज्यपालों की सूची खंगालें तो पहले उपराज्यपाल आदित्यनाथ झा, भारतीय सिविल सेवा अधिकारी थे और पहले आईएएस बालेश्वर प्रसाद बनाए गए जबकि हरिकिशन कपूर सेना की पृष्ठभूमि वाले उपराज्यपाल रहे हैं। कांग्रेस ने 1988 में रोमेश भंडारी को उपराज्यपाल बनाया और वह कांग्रेस की राजनीति में भी सक्रिय रहे जबकि पहले पुलिस सेवा अधिकारी मार्केन्डेय सिंह बने। अनिल बैजल भी आईएएस अधिकारी रहे और देश के कई मंत्रालय में तैनात रहे लेकिन विनय कुमार सक्सेना के नाम की घोषणा कर एक बार फिर से केंद्र सरकार ने सरप्राइज दिया। 
      विनय कुमार सक्सेना को खादी दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया जाता है तो वहीं आधुनिक चरखा वितरण, 9500 मॉर्डन लूम्स को स्थापित करने के लिए भी उन्हें पहचाना जाता है। वर्ष 2015 में उन्होने खादी बोर्ड की कमान संभालने के बाद शहद अभियान, कुम्हार सशक्तिकरण योजना, लेदर कारीगरों को सशक्त करने, खादी प्राकृतिक पेंट, रि-हेब प्रोजेक्ट, खादी के कपड़े, जूते चप्पल, हैंडमेड पेपर आदि को उन्होने देश-विदेश में जन-जन के बीच लोकप्रिय किया। 
       तकनीकी, कानूनी, सामाजिक और सांस्कृतिक समझ, कौशल के लिए मशहूर विनय कुमार सक्सेना ने कानपुर से पायलट का लाइसेंस हासिल किया और फिर पेट्रोलियम, पोर्ट्स के व्यापार में अपना लोह मनवाने के बाद उन्होने बांध विरोधियों का भी भंडाफोड़ किया। नेशनल काउंसिल फॉर सिविल लिबर्टीज के जरिए उन्होने नर्मदा बांध की खिलाफत करने वालों को करारा जवाब दिया और कई सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी लड़े। जेके ग्रुप के साथ सफर शुरू करने वाले विनय कुमार सक्सेना सीईओ तक बने और कई बंदरगाहों की परियोजनाओं से जुड़े रहे। दिल्ली में उपराज्ययपाल का सीधा न सिर्फ प्रशासनिक क्रियाकलापों में दखल होता है वहीं वह सरकार का नेतृत्व भी करता है इसलिए पिछले अनुभवों को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार के साथ विनय कुमार सक्सेना की यह नियुक्ति बड़े फैसलों की ओर संकेत जरूर दे रही है। 
 

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