Thursday, Sep 23, 2021
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आर्मी कमांडर का बड़ा बयान, 31 अगस्त को युद्ध के मुहाने पर थे भारत चीन

  • Updated on 2/18/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बीते दिनों पहले भारत-चीन सीमा से खबर आई थी कि वहां सीमा पर तैनात दोनों देशों की सेनाएं पीछे हट रही है। जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव की खबरों से थोड़ी राहत मिली थी वर्ना जिस तरह से पिछले कुछ समय से दोनों देश एक दूसरे के सामने खड़े थे। वह अपने आप में चिंता का विषय था। इस डिसइंगेजमेंट के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमाण्डिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी का कहना है कि पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना और चीनी सेना युद्ध के मुहाने पर खड़ी थी कभी यहां हालात खराब हो सकत थे। यह युद्ध को  ऐसे समय में टाला गया है। जहां हालात बहुत ही नाजुक थे।  

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कई अहम चोटियों पर किया कब्जा
कमाण्डर इन चीफ का कहना है कि पूर्वी लद्दाख में कई अहम चोटियों पर भारतीय सेना ने कब्जा कर लिया था। जिससे चीन तिलमिला गया था। वह कहते हैं कि हमारी स्थित मजबूत थी। इसलिए चीन ने पहल नहीं की। चीन की  सेना पूरी कोशिश कर रही थी कि कैसे भी करके  भारतीय सेना से यह चोटियां छीनी जाएं। उन्होंने इसके अलावा गलवान के बाद स्थिति पर काबू पाने के लिए अपने सैनिकों की भी तारीफ की। वह कहते हैं कि गलवान के बाद जूनियर स्तर के सैनिक ने बहादुरी से काम लिया। 

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अगस्त में हुआ था तनाव
वह बता रहे थे पिछले साल 29 से 31 अगस्त के दोनों सेनाओं के बीच भारी तनाव की स्थति पैदा हो गई थी। चीनी टैंक और सैनिक हमारी पोस्ट की तरफ बढ़ रहे थे। क्योंकि हमारी पोस्ट काफी ऊंचाई पर थी। इसलिए महौल हमारे पक्ष में था। ऐसे में चीन के टैंक वापस लौट गए। वो ऐसा समय था जब हालात बहुत खराब हो सकते थे। वह कहते हैं कि ऐसे हालात में युद्ध टला जब विकट स्थिति पैदा हो सकती थी।  

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जीसीओ ने दी जानकारी 
बता दें गलवान की झड़प में चीनी सैनिकों को भारी नुकसान हुआ था। एक जीसीओ इन सी ने बताया है कि हमने 60 से अधिक चीनी सैनिक को स्ट्रेचर पर डाल कर लेते जाते देखा जा रहा था। वह कहते हैं कि चीनी सैनिकों को जाते देख यह दावा नहीं किया जा सकता कि वह सभी लोग घायल थे या मारे जा रहे थे।       

 


 

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