Sunday, Apr 18, 2021
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सीमा पर चीन के नरम होते ही लाइन पर आया पाकिस्तान, भारत से की 'शांति वार्ता'

  • Updated on 2/25/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि भारतीय सेना (Indian Army) और चीनी सैनिकों के बीच सीमा पर डिसइंगेजमेंट की प्रकिया शुरु हो गई है। जिससे भारत-चीन सीमा पर तनाव कम होता दिख रहा था। इसी पाकिस्तानी सीमा से भी खबर आई है कि वहां सेना ने भी सीमा पर शांति कामय करन के लिए हॉटलाइन पर भारतीय अधिकारियों से बात की है। दोनों देशों की सेनाओं ने एक साझा बयान जारी करते हुए संधियों, समझौतों और संघर्ष विराम के नियमों का पालन करने की बात की दोहराई है।  

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महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा 
बता दें दोनों देशों के बीच यह बातचीत 24-25 फरवरी के बीच हुई है। जहां दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक साथ सहमति जताई है। बताया गया है कि दोनों देशों के बीच यह बातचीत काफी गर्मजोशी के बीच हुई है। बातचीत में दोनों देशों के बीच LOC पर सभी सेक्टरों की समीक्षा की बात की है। सीमा पर शांति स्थापित करने के लिए काम करने पर चर्चा हुई है। इसके अलावा एक-दूसरे के प्रमुख चिंता मुद्दों पर सहमति और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति में हॉटलाइन और बॉर्डर फ्लैग मीटिंग के सहारे लेने की बात भी दोहराई है।    

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LOC पर पाकिस्तान कर रहा था सीजफायर
बता दें कि भारत-चीन के बीच अप्रैल-मई से बढ़ते तनाव बढ़ गया था। एक तरह लद्दाख में कई हिस्सों में चीनी सेना का मुंहतोड़ जवाब दे रहा था। ऐसे में दूसरी तरफ LOC पर पाकिस्तान की तरफ से लगातार सीजफायर का उल्लंघन शुरु हो गया था। कहा जा रहा था कि पाकिस्तान ऐसा अपने मित्र चीन के कहने पर कह रहा है ताकि भारतीय सेना पर दवाब बनाया जा सके। वहीं भारतीय सेना ने पहले हालात को देखते हुए खुद को टू फ्रंट वॉर के लिए तैयार कर लिया था। कई बार सेना प्रमुख ने दोनों देशों को चेतावनी देते हुए कहा था कि भारत हर परिस्थिति के लिए तैयार है।  

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2020 में बढ़ी थी सीजफायर की घटनाएं
पाकिस्तान एलओसी पर तनाव सिर्फ इसलिए बढ़ा रहा था ताकि वह भारतीय सेना पर दवाब बना सके। इसकी पूरी जानकारी देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में देते हुए बताया था कि इस साल पाकिस्तान ने करीब 5,133 बार सीजफायर का उल्लंघन किया था। इस कारण भारत के करीब 46 जवान शहीद हो गए थे। वहीं 2019 में इन्हीं सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं का आंकड़ा 3,233 था। यह आंकड़े यह बताने के लिए काफी है कि चीन ने सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान भी उसकी मदद करने की पूरी कोशिश कर रहा था। जिसमें उसने उसका साथ दिया।  
 

 

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