Sunday, Jul 03, 2022
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इस साल ऑन लाइन होगा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, कोरोना पर ही केंद्रित रहेंगे योगाभ्यास

  • Updated on 4/15/2020

नई दिल्ली टीम डिजिटल। कोरोना के खिलाफ लोगों के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए योग और प्राणायाम को हथियार बनाया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में अभी एक महीना बाकी है, मगर योग दिवस की तैयारी अभी से शुरु हो चुकी हैं। मगर लॉक डाउन के चलते इस साल योग दिवस को भी ऑनलाइन मनाया जाएगा।

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इम्यून पावर बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा योग दिवस
नवयोग सूर्योदय सेवा समिति के संस्थापक डॉ नवदीप जोशी ने बताया कि इस बार कोरोना से मुकाबले के लिए अपनी अंदरूनी ताकत को मजबूत बनाने को ही विषय बनाया गया है। अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में इस बारे में विचार विमर्श किया जाएगा। डॉ जोशी ने बताया कि योग दिवस से पहले योग और प्राकृतिक चिकित्सा की कार्यशाला करवाई जाएंगी।

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दुनिया के लिए घातक समय, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की कोशिश
जेएनयू के खेल विभाग के निदेशक डॉ विक्रम सिंह ने बताया कि योग दिवस के लिए फिलहाल कर्टेन रेजर के तौर पर इस विषय को चुना गया है। इस वक्त पूरी दुनिया के लिए घातक समय चल रहा है। योग से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। लखनऊ विश्व विद्यालय के प्रवक्ता डॉ सत्येंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि नवयोग सूर्योदय सेवा समिति के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ही इस बार योग दिवस का विषय कोरोना पर रखने पर विचार किया जा रहा है।

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16 सालों से योग से रोगी बन रहे हैं निरोग
डॉ नवदीप जोशी ने बताया कि 16 साल पहले 2004 में नवयोग सूर्योदय सेवा समिति की शुरुआत की गई थी। तब से अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कार्यशाला का आयोजन किया जाता था। इस साल भी योग दिवस के लिए ऑन लाइन जूम बैठकों में रूपरेखा तैयार की जा रही है।

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बेकार नहीं है ताली और थाली, नाद योग से मिलती है सकारात्मकता
नवयोग के संस्थापक डॉ नवदीप जोशी ने नाद योग में ही अपनी डॉक्टरेट पूरी की है। इसीलिए नाद योग से रोगियों का इलाज करने के विशेषज्ञ हैं। पीएम मोदी के ताली और थाली के अभियान की तारीफ करते हुए डॉ जोशी बताते हैं कि नाद और शोर में काफी फर्क होता है। शोर बिना लय के होता है। मगर जब एक शुद्ध भावना से रिद्म के साथ एक साथ एक लय में कोई वाद्य यंत्र, संगीत बजाया जाता है तो इसके कारण पूरा वायू मंडल सकारात्मक हो जाता है। जिसके कारण हमारे आसपास के नकारात्मक कारक कीटाणुओं का भी नाश होता है।

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