Wednesday, Oct 27, 2021
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किसान यूनियन को नहीं भाया रबी फसलों की बढ़ी एमएसपी, बताया-किसानों से लूट

  • Updated on 9/8/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। किसानों ने बुधवार को केंद्र की ओर से बढ़ाई गई रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को नकार दिया। भारतीय किसान यूनियन का कहना है कि सरकार किसानों से लूट कर रही है। किसान की उत्पादन लागत भी इस एमएसपी से नहीं निकल रही है। वहीं, एमएसपी बढ़ाए जाने को अगले साल पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है।

महंगाई छह फीसदी बढ़ी, एमएसपी दिया सिर्फ डेढ़ फीसद: टिकैत
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के साथ भद्दा मजाक कर रही है। उन्होंने बताया कि कृषि मूल्य आयोग की ओर से पिछले साल गेहूं की पैदावार लागत 1459 रुपये बताई गई थी। इस साल सरकार ने इसे घटाकर 1000 रुपये कर दिया। जबकि इस अवधि में महंगाई छह फीसद तक बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछले साल के एमएसपी निर्धारण में अपनाए गए फारमूले से देखें तो भी किसानों को उनकी लागत से 71 रुपये कम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जिस एमएसपी को सरकार बड़ा कदम बता रही है, असल में वह किसानों की जेब काट रही है। उन्होंने कहा कि किसान की पैदावार की लागत कितनी पड़ रही है, सरकार चाहे तो पंतनगर, लुधियाना कृषि विश्वविद्यालय और अनुसंधान केंद्रों से पता कर सकती है।
 

विपणन मौसम 2022-23 के लिए सभी रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (रूपये/क्विंटल)

फसल-    2021-22 की एमएसपी-   2022-23 की एमएसपी-   उत्पादन लागत-
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गेहूं-                1975-                     2015-                          1008
जौ-                1600-                     1635-                          1019
चना-              5100-                     5230-                          3004
दाल(मसूर)-     5100-                     5500-                          3079
केनोला-सरसो- 4650-                     5050-                          2523
कुसुम के फूल-  5327-                    5441-                           3627

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मोदी सरकार ने बुधवार को चालू फसल वर्ष 2021-22 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 40 रुपये बढ़ाकर 2,015 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। इसके अलावा सरसों का एमएसपी 400 रुपये बढ़ाकर 5,050 रुपये प्रति क्विंटल किया है। इसके पहले गन्ने की किसानों से खरीद मूल्य में पांच रुपये की वृद्धि की थी। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में लिया गया। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, फसल वर्ष 2021-22 (जुलाई-जून) और 2022-23 विपणन सत्रों के लिए छह रबी फसलों के लिए एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी दी है। इसमें गेहूं का एमएसपी 40 रुपये बढ़ाकर 2,015 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो फसल वर्ष 2020-21 में 1,975 रुपये प्रति क्विंटल था। विज्ञप्ति में कहा गया है कि गेहूं की उत्पादन लागत 1,008 रुपये प्रति क्विंटल होने का अनुमान लगाया गया है।

क्या है एमएसपी-
एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) वह दर है जिस पर सरकार किसानों से अनाज खरीदती है। मौजूदा समय में, सरकार खरीफ और रबी दोनों मौसमों में उगाई जाने वाली 23 फसलों के लिए एमएसपी तय करती है। खरीफ (गर्मी) फसलों की कटाई के तुरंत बाद अक्टूबर से रबी (सर्दियों) फसलों की बुवाई शुरू हो जाती है। गेहूं और सरसों रबी की प्रमुख फसलें हैं। 

प्रधानमंत्री ने कहा, किसानों को मिलेगा अधिकतम लाभकारी मूल्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रबी फसलों के एमएसपी में वृद्धि किए जाने को किसानों के हित में बताया। उन्होंने ट्विट किया-किसान भाइयों और बहनों के हित में सरकार ने आज एक और बड़ा निर्णय लेते हुए सभी रबी फसलों की एमएसपी में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इससे जहां अन्नदाताओं के लिए अधिकतम लाभकारी मूल्य सुनिश्चित होंगे, वहीं कई प्रकार की फसलों की बुवाई के लिए भी उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा। 

एमएसपी का चुनाव कनेक्शन-

पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत देश के पांच राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव है। ऐन चुनाव से पहले गन्ने और अब रबी फसलों की एमएसपी बढ़ाए जाने को चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। जब गन्ने पेराई हो रही होगी और रबी फसलें काटी जा रही होंगी, उन्हीं दिनों इन चुनावों की गतिविधियां चरम पर रहेंगी। पंजाब जहां गेहूं उत्पादन में सबसे अव्वल प्रांत है, वहीं उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में गेहूं के साथ सरसो और गन्ने की फसल सबसे ज्यादा उगाई जाती है। चुनाव प्रचार में भाजपा बढ़ी हुई एमएसपी को प्रचारित कर भुनाने की कोशिश करेगी।
 

कांग्रेस ने बढ़ी एमएसपी को बताया ऊंट के मुंह में जीरा
कांग्रेस ने रबी फसलों के लिए बढ़ाई गई एमएसपी को ऊंट के मुंह में जीरा करार दिया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने गन्ने पर केवल 1.75 प्रतिशत, गेंहू पर 2 प्रतिशत, सूरजमुखी पर 2.14 प्रतिशत, जौ पर 2.18 प्रतिशत, चना पर 2.55 प्रतिशत, मसूर पर 7.85 प्रतिशत और सरसों पर 8.6 प्रतिशत बढ़ा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस तरह से डीजल की कीमतों में आग लगी हुई है, खाद-कीटनाशक, खेती के उपकरणों और ट्रैक्टर आदि की कीमतों पर बढ़ोतरी हुई है, उसके अनुपात में बढ़ी हुई एमएसपी से किसानों की लागत भी नहीं निकल रही है। 

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