Saturday, Dec 04, 2021
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लद्दाख की ठंड देख भागे 10 हजार चीनी सैनिक, भारतीय जवानों पर नहीं हो रहा असर

  • Updated on 1/12/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पूर्वी लद्दाख (Ladakh) की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास से खबर आ रही है कि कड़कड़ाती सर्दी को ध्यान में रखते हुए चीन ने अपने 10 हजार से ज्यादा सैनिकों को वहां सीमा के नजदीक से हटा लिया है। चीनी सरकार ने यह निर्णय लद्दाख के डेप्थ इलाको में बढ़ रही सर्दी के बाद लिया है। बताया जा रहा है कि भारतीय सेना ने अपने जवान यहां से नहीं हटाए है। बता दें दोनों देशों के बीच अप्रैल-मई से LAC पर टकराव की स्थिति बनी हुई है। जिसके बाद दोनों देशों की सेना एक दूसरे के सामने बैठी हुई हैं।  

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भारतीय जवान मजबूती के साथ खड़े
बता दें लद्दाख की इसी सर्दी में भारतीय जवान मजबूती के साथ डटे हुए है। भारतीय सेना ने अपने जवानों को इन इलाकों से वापस नहीं बुलाया है। नहीं इन इलाकों में भारतीय जवानों को रहने में कोई दिक्कत आ रही है। हालांकि चीन ने फ्रंटालाइन से अपने सैनिकों को नहीं हटाया है। चीन ने अभी वहां से अपने हथियार भी नहीं हटाए हैं। जिन्हें देखकर लग रहा है कि सर्दी कम होने के बाद चीनी सेना एक बार फिर से बुलाई जा सकती है।    

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सर्दी बढ़ने पर लिया जाता है निर्णय
एक रिटायर्ड सैनिक ने बताया है कि लद्दाख के इलाकों में जब सर्दियां बढ़ती है तो कुछ इलाकों से सीमित समय के लिए सैनिकों को हटाया जाता है या फिर सैन्य अभियानों को रोक दिया जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए चीन ने अपने 10 हजार से ज्यादा सैनिकों को हटा लिया है। हो सकता है कि बाद में इन सैनिकों को दोबारा से सर्दियां कम होने के बाद तैनाती कर दी जाए मगर फिलहाल चीनी सेना ने यह बड़ा निर्णय लिया है। वहीं दूसरे तरफ भारतीय सेना इस पूरे बदलाव पर नजर बनाए हुए है।  

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50 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात किए गए
गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल-मई के महीने में भारत-चीन के बीच सैन्य तनाव बढ़ने के बाद  सीमा पर 50 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात किए गए थे। दोनों देशों में तनाव चरम पर था। दोनों देश एक-दूसरे पर दवाब बढ़ाने के लिए सैनिकों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी कर रहे थे। यह तनाव उस समय बढ़ा था। जब दोनों देशों के बीच हिंसात्मक विवाद हुआ था। जिसमें भारत सरकार को अपने 20 सैनिक खाने पड़े थे। वहीं कहा जा रहा था इस हिंसा में चीन को अपने 40 से ज्यादा सैनिक खोने पड़े थे।   
 

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