Monday, May 23, 2022
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लखीमपुर कांड पर संसद से सडक़ तक संग्राम जारी, नहीं चली संसद की कार्यवाही

  • Updated on 12/16/2021

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने वीरवार को भी संसद से सडक़ तक जमकर हंगामा काटा। वहीं, 12 विपक्षी सदस्यों की निलंबन वापसी को लेकर भी सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध बना रहा। इसके कारण संसद की कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा- गृह राज्य मंत्री को सरकार से निकाल देना चाहिए
लोकसभा में सुबह प्रश्नकाल शुरू होने के साथ ही कांग्रेस समेत विपक्ष के कई अन्य दलों के सदस्य लखीमपुर खीरी हिंसा मामले पर चर्चा और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के इस्तीफे की मांग उठाने लगे थे। स्पीकर ओम बिरला ने प्रश्नकाल को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय से जुड़ा पूरक प्रश्न पूछने के लिए कहा तो राहुल ने लखीमपुर खीरी हिंसा का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा हिंसा में शामिल हैं। इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। सजा होनी चाहिए..मंत्री को सरकार से निकाल देना चाहिए। बिरला ने उनसे अपील की कि वह विषय से संबंधित प्रश्न पूछें। इस दौरान विपक्षी सदस्य हाथों में अजय मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग लिखी तख्तियां लिए नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए। हंगामा नहीं थमने पर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही पहले अपराह्न दो बजे तक के लिए और दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा नहीं थमा तो पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।

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उधर, राज्यसभा में 12 सदस्यों को संसद के शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित किए जाने के मुद्दे पर भी सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध कायम रहा। हंगामे के कारण उच्च सदन में आज 10 मिनट भी कामकाज नहीं हो सका और शून्यकाल व प्रश्नकाल भी बाधित हुआ। विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण उच्च सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजकर पांच मिनट पर दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। सत्ता पक्ष इस रुख पर कायम है कि निलंबित सदस्यों के अशोभनीय आचरण के लिए विपक्ष के नेताओं को माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान विपक्ष के कुछ सदस्यों ने उच्च सदन में लखीमपुर खीरी हिंसा मामले को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ को बर्खास्त करने की मांग उठाई। कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने नियम 267 के तहत इस मामले पर नोटिस भी दिया था।

यूपी विधानसभा में भी हंगामा, सडक़ पर उतरे कांग्रेसी
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन में खूब हंगामा हुआ। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने विधानसभा से बहिर्गमन कर दिया। विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की थी, लेकिन मांग अस्वीकार कर दी गई। इससे पहले, कांग्रेस नेताओं ने विधान भवन परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा के नेतृत्व में पार्टी के विधायकों और नेताओं ने हजरतगंज जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा से विधानसभा तक पैदल जुलूस निकाला। विधानसभा के मुख्य द्वार पर कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के मुख्य द्वार पर धरना दिया और नारेबाजी की। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्विट कर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा और कहा, ‘‘अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने से सरकार का इनकार उसके नैतिक दिवालियेपन का सबसे स्पष्ट संकेत है। नरेंद्र मोदी जी, सावधानीपूर्वक धार्मिकता का प्रदर्शन करने और धार्मिक वस्त्र धारण करने से यह तथ्य नहीं बदल जाएगा कि आप एक अपराधी को बचा रहे हैं।’’

युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

वहीं, दिल्ली में भारतीय युवा कांग्रेस ने इसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी ने कहा कि भाजपा की क्रोनोलॉजी देश समझ चुका है अब भाजपा की कुचलो और बर्बाद करो की नीति नहीं चलेगी। देश लखीमपुर खीरी नरसंहार में मृत किसानों को न्याय दिलाने के लिए मंत्री को बर्खास्त करने की मांग कर रहा है। इस मौके पर संगठन के राष्ट्रीय सचिव शेष नारायण ओझा, दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रणविजय सिंह लोचव, दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शुभम शर्मा, मोहम्मद शमशाद समेत अनेकों युवा कांग्रेस के कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे। 

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