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lathi charge in jamia library video goes viral, questions on delhi police

#viralvideo : जामिया लाइब्रेरी में लाठीचार्ज के वीडियो वायरल, दिल्ली पुलिस सवालों के घेरे में

  • Updated on 2/17/2020

नई दिल्ली टीम डिजिटल/संजीव यादव। शाहीन बाग (shaheen bagh) और जामिया यूनिवर्सिटी ( jamia university) मामले में नया मोड़ आ गया है। 15 दिसम्बर को जामिया यूनिवर्सिटी में क्या घटा था और उससे पहले क्या हुआ था, यही नहीं क्या पुलिस ने बेवजह छात्रों को पीटा, या फिर छात्रों ने ही इसकी शुरुआत की थी।

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कुल चार वीडियो वायरलस, बाकी सभी इन्हीं के वर्जन

इसके संबंध में 4 वीडियो वायरल हुए हैं। हालांकि, कई और वायरल वीडियो भी दिखाए जा रहे हैं, लेकिन सभी इन्ही वीडियो को मर्ज कर बनाए गए हैं। 4 वीडियो से साफ है कि जहां दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में छात्रों की पिटाई थी, वहीं दो वीडियो में ये भी साफ है कि पुलिस एकाएक गुस्से में नहीं आई थी, जब उन पर पत्थर फेंके गए, आक्रामक हमला किया गया तो वह उग्र हुई।

दो महीने तक कहां छुपी रही पिटाई की क्लिपिंग

सवाल यह भी उठे रहे हैं कि आखिर दो माह तक ये वीडियो कहां थे, दो माह के दौरान न तो इन्हें कोर्ट में ही पेश किया गया और न ही इन्हें वायरल किया गया, एकाएक क्यों वायरल किया गया। इसमें सच और झूठ क्या है, अब ये जांच का विषय है, लेकिन इसके पीछे का खेल और कितने सच हैं।

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वीडियो वायरल, निशाने पर दिल्ली पुलिस

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की लाइब्रेरी में छात्रों के ऊपर पुलिस के लाठीचार्ज के संबंध में अब तक 3 वीडियो जारी किए गए हैं। इन वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर पुलिस को निशाने पर लिया है वहीं छात्रों को भी सोशल मीडिया पर निशाना बनाया गया है। देर से जारी हुए दोनों वीडियो पर सियासत भी शुरू हो गई है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने बयान जारी किया है कि जो वीडियो सामने आए हैं, उनकी जांच की जा रही है, क्राइम ब्रांच जल्द ही इस पर रिपोर्ट देगी।

पहला वीडियो

पहला वीडियो देर रात 1.37 मिनट पर हुआ जारी हुआ। वीडियो 48 सेकेंड का है, इसे 16 फरवरी की देर रात 1.37 मिनट पर सबसे पहले ट्वीट किया गया। देखते ही देखते ये वायरल हो गया। 48 सेकेंड का वीडियो एक सीसीटीवी फुटेज का है जिसमें कथित तौर पर अर्धसैनिक बल और पुलिस के कुछ 7 से 8 लोगों दिखते हैं, जो ओल्ड रीङ्क्षडग हॉल में प्रवेश करते हैं और पढ़ाई कर रहे छात्रों को डंडों से पिटाई करते हैं। इस दौरान अर्धसैनिक और पुलिस की वर्दी वाले अपना चेहरा ढंके होते हैं। इसी दौरान छात्र पुलिस और अन्य लोगों की पिटाई के दौरान चिल्लते हुए इधर-उधर भागने का प्रयास करते दिख रहे हैं। 

दूसरा वीडियो

करीब दो बजे एक और ट्विटर हैंडलर से वीडियो वायरल किया गया। ये वीडियो भले ही बाद में जारी किए गया, लेकिन 29 सेकेंड के इस वीडियो में पुलिस छात्रों को मार रही है, वहीं इसमें कुछ छात्र हाथ में पत्थर लिए दिख रहे हैं। छात्र लाइब्रेरी में घुसने के बाद दरवाजा बंद कर देते हैं। दरवाज बंद करने के बाद लाइब्रेरी के मेन गेट पर कंप्यूटर डेस्क को भी घसीट कर लगा देते हैं, ताकि गेट को कोई खोल न सके।

तीसरा वीडियो

तीसरा वायरल वीडियो 2.20 मिनट का है। इस वीडियो में छात्र लाइब्रेरी में घुसते हुए दिख रहे हैं। संभवत: ये लोग पुलिस के आने से पहले घुस रहे हैं। वीडियो के तहत साफ है कि सभी के मुंह पर रुमाल बंधा हुआ है, और हाथों में कुछ है। यानि की ये सभी जान चुके थे कि पुलिस अंदर दाखिल हो रही है और उससे पहले क्या छात्रों ने किया है।

चौथा वीडियो

वायरल चौथा वीडियो 2.13 सेकेंड का है, इस वीडियो में देखा जा सकता है कि छात्र किस तरह से लाइब्रेरी से बाहर निकलते हैं और बाहर की बालकनी में हड़बड़ाते हैं। इसमें कुछ छात्र नकाबपोश की तरह दिख रहे हैं।

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क्या हुआ था 15 दिसंबर की रात
राजधानी दिल्ली में नागरिकता कानून को लेकर जामिया के छात्रों द्वारा चलाया जा रहा शांतिपूर्वक प्रदर्शन शाम 4:45 पर एकाएक उग्र हो गया। ये प्रदर्शन चंद मिनटों में इतना उग्र हुआ कि इलाके में मौके पर 5 बसों के अलावा लोगों ने बाटला हाउस पुलिस चौकी सहित कई घरों में तोडफ़ोड़ की और शाहीन बाग इलाके के एक घर में आग लगा दी थी। स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस ने मौके पर लाठी चार्ज किया और कई राऊंड हवाई फायर भी किए।

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जामिया, न्यू फ्रेंड्स कालोनी और शाहीन बाग में छोड़े थे आंसू गैस के गोले
मौके पर जामिया इलाके के अलावा शाहीन बाग और न्यू फ्रेंडस कॉलोनी में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़े गए वहीं छात्रों सहित लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की थी। वहीं छात्रों का आरोप था कि 15 दिसम्बर को छात्र शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहें थे, लेकिन एकाएक पुलिस उनके कैम्पस में घुसी और छात्रों को पीटने लगी।
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जामिया प्रशासन का दावा, पुलिस को सौंपे सभी सीसीटीवी फुटेज
जामिया प्रशासन का दावा है कि 15 दिसम्बर की घटना वाले दिन के सभी सीसीटीवी के फुटेज पुलिस को सौंपे गए हैं। सूत्रों के मुताबिक जामिया प्रशासन ने 15 दिसम्बर के यूनिवॢसटी कैम्पस के करीब 22 वीडियो पुलिस को सौंपे थे, जिनमें से 6 सीसीटीवी फुटेज लाइब्रेरी के भी थे, जो वीडियो अब वायरल हुए हैं ये पहले से ही दिल्ली पुलिस के पास हैं।

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पुलिस को सोशल मीडिया से मिले वायरल वीडियो
वहीं दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी प्रवीर रंजन ने दावा किया है कि वीडियो उनके सामने सोशल मीडिया से संज्ञान में आए हैं, जिसकी जांच की जा रही है, लेकिन वहीं दिल्ली पुलिस कोर्ट को बता चुकी है कि जामिया प्रशासन ने हमें सीसीटीवी फुटेज सौंपी है जो कोर्ट में जमा हैं तो ऐसे में पुलिस अब इन वायरल वीडियो पर क्यों सफाई दे रही है।

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जामिया में बीते 15 दिसम्बर को हुई हिंसा पर दिल्ली पुलिस कहती रही है कि छात्रों ने पुलिस पर पथराव किया था जिसके बाद हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी थी, लेकिन पुलिस ने लाइब्रेरी में किसी पर लाठीचार्ज नहीं किया।

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