Tuesday, Jan 25, 2022
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सिरसा का पलटवार, शिरोमणि अकाली दल क्षेत्रीय पार्टी, सिख मसले हल करने में सक्षम नहीं

  • Updated on 12/4/2021

नई दिल्ली /सुनील पाण्डेय : अकाली से भाजपाई हुए मनजिंदर सिंह सिरसा ने आज यहां पार्टी के द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। साथ ही कहा है कि उनको अकाली लीडरशिप की तरफ से लगाए आरोपों पर हैरानी हो रही है। सिरसा ने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी ने उनके साथ जबरदस्ती ही करनी होती तो फिर पार्टी उनको दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान के तौर पर ही पार्टी में शामिल होने के लिए कहती, न कि व्यक्तिगत तौर पर शामिल करवाती। उन्होंने कहा कि वह अपनी इच्छा के अनुसार भाजपा में शामिल हुए हैं। इस पार्टी के साथ गठजोड़ टूटने के बाद अकाली दल सिख मसले हल करवाने के लिए काम करने की सामथ्र्य में नहीं रहा, क्योंकि उसकी कोई बाज़ू पकडऩे वाला नहीं है।
   भाजपा नेता सरदार मनजिन्दर सिंह सिरसा ने उनको पार्टी में शामिल करवाने धक्केशाही और बुरे व्यवहार के अकाली दल के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि उनका भाजपा में शामिल होने का एकमात्र उद्देश्य सिख कौम की सेवा करना है। इस पार्टी में शामिल होने से उनको ऐसा प्लैटफार्म मिल गया है जिस के साथ उन को लंबे समय से लटक रहे सिख मसले हल करवाने में सहायता मिलेगी। सरदार मनजिन्दर सिंह सिरसा ने कहा कि उनको अकाली लीडरशिप की तरफ से लगाए आरोपों पर हैरानी हो रही है। उन्होंने कहा कि अकाली दल किसी भी तरीके के आरोप लगाने के बगैर छोड़ा है। जब कि दूसरों नेताओं ने पार्टी पर एक ही परिवार पर केंद्रित होने और बेअदबी और नशों के मामलों के कई आरोप लगा कर पार्टी छोड़ी।
  उन्होंने कहा कि वे एक पॉजीटिव व्यक्ति हैं, जिसका मकसद कौम की सेवा करना है और यह तभी संभव हो सकता है जब आप राष्ट्रीय पार्टी के सदस्य हों। सिरसा ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल आज एक क्षेत्रीय पार्टी में सिमट कर रह गया है, जैसे कि पार्टी लीडरशिप दावा करती है और इसका देश भर के सिख मसलों पर ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब से बाहर बसते बल्कि पंजाब में भी बसते सिख अपने मसलों के लिए उनकी तरफ देख रहे हैं। मेघालय, मध्य प्रदेश, और यूपी के सिखों के कई मसलों ने उनको घेरा हुआ है और वह संकट का हल चाहते हैं।  इसके अलावा गुरुद्वारा डोंगमार, ज्ञान गोदड़ी और अनेकों अन्य मसलों को हल करने की जरूरत है। यह मसले भाजपा जैसे प्लैटफार्म पर राष्ट्रीय स्तर पर आवाज बुलंद करके हल हो सकते हैं। सरदार सिरसा ने कहा कि दिल्ली में सिख यूनिवर्सिटी की स्थापना करना और सिख विद्यार्थियों को बुलन्दियां छूने में मदद करना उनका लक्ष्य है। यह सिर्फ एक भाजपा नेता के तौर पर देश में कर सकते हैं।

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