Wednesday, Dec 08, 2021
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सिब्बल के समर्थन में आए आजाद, शर्मा समेत कई नेता, कांग्रेस में और बढ़ी कलह 

  • Updated on 9/30/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कांग्रेस की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। कपिल सिब्बल के बयान के खिलाफ बुधवार देर शाम उनके आवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और कुछ नेताओं के बयानों से पार्टी की अंदरूनी कलह और बढ़ती दिख रही है। गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल के समर्थन में उतर पड़े हैं। उन्होंने सिब्बल के आवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं-नेताओं के प्रदर्शन को सुनियोजित उपद्रव बताते हुए निंदा की और कहा कि संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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राज्यसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष आजाद ने ट्विट किया, ‘‘मैं कपिल सिब्बल के घर के बाहर बीती रात हुए सुनियोजित उपद्रव की कड़ी निंदा करता हूं। वह एक वफादार कांग्रेसी हैं जो संसद के बाहर और भीतर पार्टी के लिए लड़ रहे हैं। किसी भी जगह से आने वाले सुझाव का स्वागत होना चाहिए, उसे दबाना नहीं चाहिए। उपद्रव अस्वीकार्य है।’’ शर्मा ने ट्विट किया, ‘‘कपिल सिब्बल के घर पर हमला और उपद्रव के बारे में सुनकर स्तब्ध और आहत हूं। इस निंदनीय कृत्य से पार्टी की बदनामी होती है। इसकी कड़ी भर्सतना की जानी चाहिए।’’ राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता शर्मा ने कहा कि मतभिन्नता लोकतंत्र का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से आग्रह है कि वह कड़ी कार्रवाई करें।

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कांग्रेस के लोकसभा सदस्य मनीष तिवारी ने ट्विट किया, ‘‘कपिल सिब्बल के आवास के बाहर कल रात हुए सुनियोजित उपद्रव की निंदा करता हूं। इस हमले के जो सूत्रधार हैं उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि वह (सिब्बल) कांग्रेस के लिए अदालत के बाहर और भीतर दोनों जगह लड़ते हैं। आप उनके विचारों से असहज जरूर हो सकते हैं, लेकिन इन विचारों को ङ्क्षहसा से नहीं दबाया जा सकता।’’ उन्होंने कहा कि जो लोग पिछली रात की हरकत का बचाव कर रहे हैं, वो देख लें, कि क्या हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। कार पर खड़े हो गए। घर के भीतर और बाहर टमाटर फेंके। अगर यह उपद्रव नहीं है तो फिर क्या है? 

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तिवारी के ट्विट पर ही कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि सिब्बल के साथ ऐसा कभी नहीं होना चाहिए जिसने अदालती प्रक्रिया से कांग्रेस की कई सरकारों एवं व्यक्तियों को बचाया और विपक्ष की सरकारों को हटवाया। लोग उनसे असहमत हो सकते हैं। प्रदर्शन करिए, लेकिन उनकी कार को नुकसान मत पहुंचाइए। अपने जीवन में मैंने कभी भी उपद्रव को प्रोत्साहित नहीं किया। आजाद, सिब्बल, शर्मा, तिवारी और तन्खा उन 23 प्रमुख नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने पिछले वर्ष कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस में संगठन चुनाव करवाने की मांग की थी। 

 

बता दें कि सिब्बल ने पंजाब के सियासी घटनाक्रम को लेकर बुधवार को अपने एक बयान में पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा था कि दुर्भाग्य से पार्टी का अध्यक्ष नहीं है। फैसले कौन ले रहा है? इशारों-इशारों में गांधी परिवार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा था कि हम जी हुजूर 23 नहीं हैं। हम अपनी बात रखते रहेंगे। इसके बाद देर शाम कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने उनके आवास पर के बाहर प्रदर्शन कर उनके खिलाफ नारेबाजी की थी। अजय माकन, रणदीप सुरजेवाला और श्रीनिवास बीवी समेत कई नेता गांधी परिवार का बचाव करते हुए सिब्बल पर निशाना साधा था। 

 

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