Sunday, Dec 04, 2022
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हिरासत में युवक की मौत और त्रिपुरा हिंसा पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने मांगी रिपोर्ट

  • Updated on 11/12/2021

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यक समुदाय के एक युवक की पुलिस हिरासत में थाने में हुई मौत पर सियासत गरमाने के  साथ ही राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में राज्य से रिपोर्ट तलब की है। साथ ही त्रिपुरा हिंसा पर भी आयोग ने वहां के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगा है।

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कासगंज में पुलिस की हिरासत में हुई युवक की मौत को लेकर विपक्ष के निशाने पर आई राज्य सरकार को अब राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को भी जवाब देना होगा। आयोग ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और अब प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र भेजकर अगले 15 दिन में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने यहां एक प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि मीडिया में आई खबर पर संज्ञान लेते हुए हमने डीजीपी और मुख्य सचिव को पत्र लिखा। कासगंज में अल्ताफ नाम के युवक की पिछले दिनों पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। पुलिस का कहना है कि युवक ने खुदकुशी की है। लेकिन मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटे जाने की वजह से उसकी मौत हुई है। वे इसे हत्या बता रहे हैं। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में पांच पुलिसकर्मियों को फिलहाल निलंबित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव है। ऐसे वक्त में पहले मुख्यमंत्री के गृह जिला गोरखपुर में पुलिसिया उत्पीड़न के शिकार एक कारोबारी की मौत और अब अल्पसंख्यक समुदाय के युवक की हिरासत में हुई मौत से राज्य की सियासत गरमाई हुई है। मामले ने तूल पकड़ा तो अल्पसंख्यक आयोग ने भी इसका संज्ञान लिया है।

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लालपुरा ने बताया कि आयोग ने त्रिपुरा में पिछले दिनों हुई हिंसा के मामले का भी स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने मुख्य सचिव को आठ नवम्बर को पत्र लिखा था। आयोग ने त्रिपुरा प्रशासन से सवाल किया है कि हिंसा में कितने लोग शामिल थे, कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है, किन धाराओं के मामला दर्ज किया गया और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
 

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