Thursday, Jan 27, 2022
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National plan of Rs 100 lakh crore will change the picture of the country

100 लाख करोड़ रुपये के राष्ट्रीय मास्टर प्लान से बदलेगी देश की तस्वीर

  • Updated on 10/13/2021

नई दिल्ली /सुनील पाण्डेय : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ढांचागत विकास को कम लागत, समय पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने, विभागों तथा मंत्रालयों के बीच तालमेल एवं विकास कार्यों में सबकी शक्ति के सामूहिक प्रदर्शन को जरूरी बताते हुए देश के सभी राज्यों से प्रधानमंत्री गति शक्ति प्लेटफार्म से जुडऩे का आग्रह किया है। साथ ही 'मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए 100 लाख करोड़ रुपये के राष्ट्रीय मास्टर प्लान की शुरुआत की।
 प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को यहां प्रगति मैदान में मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के तहत प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना को लांच किया। इस मौके पर प्रगति मैदान में नए प्रदर्शनी परिसर का भी उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम गतिशक्ति योजना का लक्ष्य लॉजिस्टिक्स की लागत में कमी, 'कार्गो हैंडङ्क्षलग क्षमता बढ़ाना और कार्यान्वयन को तेज करना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य सभी संबंधित विभागों को एक मंच पर जोड़कर परियोजनाओं को अधिक शक्ति और गति देना है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों एवं राज्य सरकारों की बुनियादी ढांचा योजनाओं को एक समान ²ष्टि से तैयार कर उनका कार्यान्वयन किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि गतिशक्ति मास्टर प्लान सड़क से लेकर रेलवे, उड्डयन से लेकर कृषि तक परियोजनाओं के समन्वित विकास के लिए विभिन्न विभागों को आपस में जोड़ता है। उन्होंने कहा कि देश में 'लॉजिस्टिक्स की ऊंची लागत जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 13 प्रतिशत हिस्सा है, निर्यात में प्रतिस्पर्धा को प्रभावित कर रही है और पीएम गतिशक्ति का उद्देश्य लॉजिस्टिक्स की लागत कम करना और कार्यान्वयन को तेज करना है। मोदी ने कहा कि इस योजना से भारत को एक निवेश गंतव्य के रूप में बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के तहत भारत जिस गति और पैमाने को देख रहा है, वह आजादी के पिछले 70 वर्षों में कभी नहीं देखा गया था।  गति शक्ति योजना ऐसी समय पर शुरू की जा रही है जब देश भर में शक्ति स्वरूपिणी मांग दुर्गा का पूजन हो रहा है। यह योजना आत्मनिर्भर भारत में अगले 25 साल के विकास की आधारशिला रख रही है। इससे देश के विकास के लिए विभागों और मंत्रालयों का सामूहिक रूप से शक्ति का प्रदर्शन होगा और देश के विकास की नई ऊंचाई हासिल करेगा।  इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, हरदीप सिंह पुरी, सर्बानंद सोनोवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अश्विनी वैष्णव, आर के सिंह, राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, राज्यों के मंत्री, प्रतिष्ठित उद्योगपति उपस्थित थे। उद्योग जगत से आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला, ट्रैक्टर्स एंड फर्म इक्विपमेंट की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) मल्लिका श्रीनिवासन, टाटा स्टील के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक टी वी नरेंद्रन, रिविगो के सह संस्थापक दीपक गर्ग आदि मौजूद रहे।

 इंफ्रास्ट्रक्चर का विषय राजनीतिक दलों की प्राथमिकता से दूर रहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर राजनीतिक दलों को आड़े हाथों लेते हुए खेद व्यक्त किया कि हमारे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का विषय ज्यादातर राजनीतिक दलों की प्राथमिकता से दूर रहा है।  ये उनके घोषणापत्र में भी नजर नहीं आता। अब तो ये स्थिति आ गई है कि कुछ राजनीतिक दल, देश के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर आलोचना करने लगे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जबकि दुनिया में ये स्वीकृत बात है कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण एक ऐसा रास्ता है, जो अनेक आर्थिक गतिविधियों को जन्म देता है, बहुत बड़े पैमाने पर रोजगार का निर्माण करता है।

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान समाधान करेगा

   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैक्रो प्लानिंग और सूक्ष्म कार्यान्वयन के बीच व्यापक अंतर के कारण समन्वय की कमी, अग्रिम जानकारी की कमी, बंद परिवेश में सोचने और काम करने से निर्माण में बाधा आ रही है और बजट की बर्बादी हो रही है। शक्ति बढऩे या वृद्धि होने के बजाय विभाजित हो जाती है। पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान इसका समाधान करेगा, क्योंकि मास्टर प्लान के आधार पर काम करने से संसाधनों का मनोवांछित उपयोग होगा।

2014 में अटकी थी सैकड़ों परियोजनाएं

पीएम मोदी ने 2014 को याद किया जब उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला था तब उन्होंने सैकड़ों अटकी परियोजनाओं की समीक्षा की और सभी परियोजनाओं को एकल प्लेटफॉर्म पर रखा और बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया। अब समन्वय की कमी के कारण देरी से बचने पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब होल ऑफ गवर्नमेंट अप्रोच के साथ, सरकार की सामूहिक शक्ति योजनाओं को पूरा करने में लग रही है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से अब दशकों से अधूरी बहुत सारी परियोजनाएं पूरी हो रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहली अंतर-राज्यीय प्राकृतिक गैस पाइपलाइन 1987 में चालू की गयी थी। तब से 2014 तक, 15,000 किलोमीटर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का निर्माण किया गया था। इस समय 16,000 किलोमीटर से अधिक नयी गैस पाइपलाइन का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 27 साल में जो किया गया, हम वह काम उससे आधे से भी कम समय में कर रहे हैं।

7 सालों में रेलवे और मैट्रो का हुआ कायाकल्प  

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 के पहले के 5 सालों में सिर्फ 1900 किलोमीटर रेल लाइनों का दोहरीकरण हुआ था। बीते 7 वर्षों में हमने 9 हजार किलोमीटर से ज्यादा रेल लाइनों की डबलिंग की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले के 5 सालों में सिर्फ 3000 किलोमीटर रेलवे का बिजलीकरण हुआ था, जबकिबीते 7 सालों में हमने 24 हजार किलोमीटर से भी अधिक रेलवे ट्रैक का बिजलीकरण किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले मेट्रो रेल महज 250 किलोमीटर के ट्रैक पर चल रही थी। आज मेट्रो का विस्तार 700 किलोमीटर तक कर दिया गया है और 1000 किलोमीटर नए मेट्रो रूट पर काम चल रहा है। 2014 से पहले के पांच वर्षों में केवल 60 पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जा सका था। पिछले 7 वर्षों में, हमने 1.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा है।

बिजली और फाइबर नेटवर्क का विस्तार
 
  पीएम मोदी ने कहा कि पिछले सात वर्षों में डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क से जोड़ा गया है जबकि 2014 से पहले के पांच वर्षों में केवल 60 ग्राम पंचायतों में यह सुविधा थी। उन्होंने कहा कि बंदरगाहों पर पोत संबंधी कार्यान्वयन के समय को 41 घंटे से घटाकर 27 घंटे कर दिया गया है तथा इसे और कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले पांच वर्षों में तीन लाख सर्किट किमी बिजली ट्रांसमिशन लाइन बिछायी गयी थी जिसके मुकाबले पिछले सात वर्षों में 4.25 लाख सर्किट  किमी लाइन बिछायी गयी है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के मामले में भी काफी विस्तार हुआ है।

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