Monday, Nov 28, 2022
-->
new-delhi-railway-station-will-be-made-world-class-the-union-cabinet-has-approved

वर्ल्ड क्लास बनेगा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

  • Updated on 9/28/2022

नयी दिल्ली / सुनील पाण्डेय :  केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दस हजार करोड़ रुपये की लागत से नई दिल्ली, अहमदाबाद और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई रेल स्टेशनों के पुर्निवकास के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी है। स्टेशनों का पुर्निवकास इंजीनियङ्क्षरग-खरीद-निर्माण (ईपीसी) मॉडल के तहत होगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यात्रियों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़े। नयी दिल्ली सहित तीनों रेलवे स्टेशनों के पुर्निवकास के लिये अगले 10 दिनों में टेंडर जारी हो जाएगा। तीनों स्टेशन विश्व स्तरीय बनेंगे। खास बात यह है कि इन स्टेशनों के विकास से 35,744 नये रोजगार के अवसर सृजित होंगे। दैनिक यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा तथा निवेश एवं अतिरिक्त कारोबारी अवसर के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।  इन स्टेशनों पर 'रूफ प्लाजाÓ बनाया जायेगा जहां फूड कोर्ट, छोटे बच्चों के खेलने के लिए छोटी सी जगह, स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिये एक स्थान आदि होगा । यहां सफाई पर खास ध्यान दिया जायेगा तथा दिव्यांगों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जायेगा। नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन ट्रेन सेवाओं को बसों, आटो और मेट्रो रेल सेवाओं के साथ जोड़ेगा। स्टेशन में एक ही स्थान पर सभी यात्री सुविधाओं के साथ खुदरा, कैफेटेरिया, मनोरंजन सुविधाओं के लिए एक विशाल रूफ प्लाजा  होगा । इसके अलावा स्टेशन पर सिटी सेंटर जैसी व्यवस्था होगी। रेलवे ट्रैक के दोनों ओर स्टेशन भवन के साथ शहर के दोनों किनारों को स्टेशन से जोड़ा जाएगा। फूड कोर्ट, वेटिंग लाउंज, बच्चों के खेलने की जगह, स्थानीय उत्पादों के लिए जगह आदि सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।  बता दें कि 199 स्टेशनों के पुनर्विकास का काम चल रहा है। इनमें से 47 स्टेशनों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। बाकी स्टेशनों के लिए मास्टर प्लानिंग और डिजाइन का काम चल रहा है। 32 स्टेशनों पर तेजी से काम हो रहा है।

नई दिल्ली में हाईटेक होगी सभी सुविधाएं

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुर्नर्विकास के तहत सभी सुविधाएं हाईटेक होगी। स्टेशन को आरामदेह बनाने के लिए, पर्याप्त रोशनी, रास्ता बताने वाले संकेतक, लिफ्ट एवं एस्कलेटर होंगे। इनमें पर्याप्त पाॢकंग सुविधाओं के साथ यातायात के सहज संचालन के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इनमें परिवहन के अन्य साधनों जैसे मेट्रो, बस आदि का एकीकरण होगा। सौर ऊर्जा, जल संरक्षण पुन: चक्रण और अच्छी खासी संख्या में पेड़ों के साथ हरित इमारत तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इन स्टेशनों पर अव्यवस्था मुक्त और पूरी तरह से ढके हुए प्लेटफॉर्मों का निर्माण किया जाएगा। स्टेशनों को आरामदेह बनाने के लिए, पर्याप्त रोशनी, वे फाइंडिंग, संकेत, ध्वनिकी, लिफ्ट, एस्कलेटर,ट्रेवलेटर्स होंगे। पर्याप्त पार्किंग सुविधाओं के साथ यातायात के सहज संचालन के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है।

परिवहन के साधन : मेट्रो, बस के साथ एकीकरण

रेल मंत्रालय के मुताबिक आधुनिक रेलवे स्टेaशन बनने के बाद यहां परिवहन का पुख्ता इंतजाम होगा। परिवहन के अन्य साधनों जैसे मेट्रो, बस आदि के साथ एकीकरण होगा। इसके अलावा
सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, रिसाइकिलिंग और बेहतर ट्री कवर के साथ ग्रीन बिल्डिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा।  आगमन, प्रस्थान का पृथक्करण, अव्यवस्था मुक्त प्लेटफॉर्म, बेहतर सतह, पूरी तरह से ढके हुए प्लेटफॉर्मों का निर्माण किया जाएगा। सीसीटीवी और एक्सेस कंट्रोल लगाने से रेलवे स्टेशन सुरक्षित रहेंगे।

रेल के साथ प्रधानमंत्री का भावनात्मक जुड़ाव : अश्विनी वैष्णव


 रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि रेल के साथ प्रधानमंत्री का भावनात्मक जुड़ाव है और सरकार ने सुरक्षा, यात्री सुविधा, तकनीक सहित रेलवे के हर आयाम पर ध्यान दिया है। इसी दिशा में रेलवे स्टेशनों के पुर्निवकास को लेकर मंत्रिमंडल ने एक बड़ा निर्णय लिया है। वैष्णव ने कहा, रेलवे का सबसे अधिक उपयोग मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग के लोग करते हैं और इसलिये यात्रियों पर किसी तरह का अतिरिक्त भार ठीक नहीं है। इसलिये रेलवे में बजट के धन का निवेश करने का निर्णय किया गया। सोच समझकर इन स्टेशनों के पुर्निवकास के लिये ईपीसी मॉडल अपनाने का फैसला किया गया। रेल मंत्री ने बताया कि देश में 199 रेलवे स्टेशनों के पुर्निवकास के प्रस्ताव पर काम चल रहा है। इनमें से 47 स्टेशनों के काम के लिये निविदा जारी की गई है और 32 पर काम चालू भी हुआ है। 199 रेलवे स्टेशनों के पुर्निवकास के लिये 60 हजार करोड़ रूपये की जरूरत होगी ।  

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.