Monday, Jun 21, 2021
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only limited dates left for marriage in this summer vbgunt

अब शादी के लिए बचे सिर्फ 8 मुहूर्त या फिर नवंबर के बाद ही आएगी बारात की घोड़ी

  • Updated on 6/3/2020

नई दिल्ली टीम डिजिटल। कहावत है कि ‘मियां-बीवी राजी तो क्या करेगा काजी’ मगर इस बार सिर्फ मियां-वीवी ही नहीं बल्कि काजी भी सिर्फ अगले साए का इंतजार करते हुए दिन काटने पर मजबूर है। जाती हुई सर्दियों (winters) में जिन लोगों ने कोरोना (corona virus) का साया मंडराने से पहले ही शादी (marriage) नहीं कर ली अब उन्हें कोरोना और लॉक डाउन (lock down) के खुलने और तमाम तरह की बंदिशों के उठने का इंतजार करना पड़ रहा है। आलम ये है कि गर्मियों में शादी के लिए गिने-चुने सिर्फ आठ साए ही बचे हैं, मगर अगर आप इन सायों में भी मौके चूक गए तो अगली सर्दियों तक के लिए बारात घर बैठी रह जाएगी।

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शुभ मुहूर्त और लॉक डाउन के खुलने के योग का इंतजार
कोरोना की महामारी ने जहां दुनिया बार के कारोबार की बागडोर को थाम कर रख दिया है। वहीं लॉक डाउन ने शादी के सारे मुहुर्त पर भी पानी फेर दिया है। शादी के तगड़े साये वाले सीजन आ कर गुजर चुके हैं मगर दुल्हा,दुल्हन और बाराती सिर्फ लॉक डाउन के खुलने का इंतजार करते रह गए।

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अक्षय तृतीया सरीखे अणपुछ मुहूर्त के गुजरने के बाद भी जो जोड़े एक अदद साए और लॉक डाउन के एक साथ खुलने के योग का इंतजार कर रहे हैं उनकी हालत आसानी से समझी जा सकती है। अब आलम ये है कि  गर्मियों में गिने-चुने साए ही बचे हैं। जून के शुरुआती दिनों में शुक्र तारा अस्त है। कुछ दिनों के लिए साया खुलेगा फिर जुलाई में देव शयन के बाद फिर सर्दियों से पहले कोई साया नहीं मिल सकेगा। लिहाजा कोई मांगलिक काम नहीं किया जा सकेगा।

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गिने-चुने मुहूर्त में ही करना होगा मांगलिक कार्य
ज्योतिष विज्ञानी पंडित संजीव शंकर के मुताबिक शुक्र और गुरु तारा अस्त होने के अलावा चातुर्मास और धनुर्मास में भी किसी तरह का कोई शुभ काम नहीं किया जाता है। अब गर्मियों में इक्का-दुक्का मुहूर्त ही बचे हैं। हालांकि देश में कुछ इलाकों में भड़ली नवमी को भी अणपुछ मुहूर्त में शुभ काम किए जाते हैं। मगर ज्योतिष इसे नहीं मानता है। फिर भी 29 जून को भड़ली नवमी को कुछ लोग आपको शादी का निमंत्रण थमा सकते हैं।

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इन तिथियों में नहीं निकलेगा कोई शुभ मुहूर्त
बहरहाल 31 मई से 8 जून तक शुक्र अस्त होने के चलते कोई मांगलिक कार्य नहीं कि या जा सकेगा। जुलाई से 24 नवंबर तक देव शयन के कारण कोई शादी समारोह नहीं होगा। जुलाई से ही चातुर्मास भी आरंभ हो जाएगा। 15 दिसंबर से 15 जनवरी तक धनुर्मास के कारण शुभ काम नहीं हो सकेंगे।  साल के आखिर में 17 दिसंबर के बाद गुरु अस्त हो जाएगा जो अगले साल 11 जनवरी 2021 को ही उदय होगा।

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