Sunday, Jan 23, 2022
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parliament session - aap boycotted the all-party meeting, even the pm did not come

संसद सत्र- सर्वदलीय बैठक का आप ने बहिष्कार किया, पीएम भी नहीं आए

  • Updated on 11/28/2021

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानून की मांग की। पेगासस जासूसी कांड, डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतें, महंगाई और बेरोजगारी जैसे अहम मुद्दे भी उठाए गए। आम आदमी पार्टी ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक में शामिल नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति में रक्षा मंत्री तथा लोकसभा में उपनेता राजनाथ सिंह ने मोर्चा संभाला।

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संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इसके पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के नेताओं के तेवर से साफ हो गया कि यह सत्र काफी हंगामेदार होने वाला है। यह सत्र 29 नवम्बर से शुरू होकर 23 दिसम्बर तक चलेगा। सर्वदलीय बैठक के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने संवाददाताओं से कहा कि सभी दलों ने एमएसपी पर कानून बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अच्छे विधेयक लाएगी तो हम सहयोग करेंगे, अन्यथा सदन में व्यवधान की जिम्मेदारी सरकार की होगी। खडग़े ने कहा कि चीन के साथ एलओसी पर तनाव, कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को मुआवजा, महंगाई, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों, खाद्य सामग्रियों, सब्जी-फल आदि के बढ़ते दाम, बेरोजगारी, बिजली संशोधन विधेयक, कोविड महामारी के कारण जान गंवाने वालों को 4 लाख रूपये का मुआवजा दिए जाने जैसे अहम मुद्दों को विपक्ष के नेताओं ने उठाया।

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सूत्रों के मुताबिक बैठक में वाईएसआर कांग्रेस ने समुद्री एवं कुक्कुट उत्पादों को भी एमएसपी के दायरे में लाने पर जोर देते हुए इसे विधायी रूप देने को संसद की संयुक्त समिति बनाने पर बल दिया। वाईएसआर कांग्रेस के साथ टीएमसी और द्रमुक ने महिला आरक्षण संबंधी विधेयक सदन में लाने की मांग की। विपक्षी नेताओं ने पश्चिम बंगाल सहित कुछ राज्यों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र बढ़ाए जाने और संघीय ढांचे का मुद्दा भी उठाया। लाभकारी सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश का मुद्दा भी विपक्ष के नेताओं ने उठाया।

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बैठक में 31 दलों के कुल 42 नेता शामिल थे। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि सरकार विपक्ष के सकारात्मक सुझावों पर विचार करने और नियमों के तहत अध्यक्ष एवं सभापति की अनुमति से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार है। जोशी ने कहा कि हमने अपील की है कि सदन में बिना किसी व्यवधान के कामकाज हो। प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति के सवाल पर जोशी ने कहा कि ऐसी सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री के हिस्सा लेने का चलन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के आने के बाद से शुरू हुआ है, पहले ऐसी बात नहीं थी। 

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वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय ङ्क्षसह बीच में ही बैठक छोडक़र बाहर निकल गए। संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि वे किसानों, एमएसपी पर कानून बनाने के विषय को उठा रहे थे, लेकिन टोका-टोकी कर उन्हें बोलने से रोका गया।

कांग्रेस की बैठक से टीएमसी ने दूरी बनाई
संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले राज्यसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खडग़े की ओर से सोमवार को बुलाई गई विपक्षी नेताओं की बैठक से तृणमूल कांग्रेस ने दूरी बना ली है। वहीं, कांग्रेस ने कहा कि बैठक में शामिल होना या न होना, यह टीएमसी को तय करना है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यह पार्टी की परंपरा है कि हर सत्र से पहले विपक्ष का नेता हर किसी को बुलाता है। बहरहाल, अगर किसी को लगता है कि कांग्रेस से हाथ मिलाने पर उन्हें सरकार के विरोधी के तौर पर देखा जाएगा तो उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं है। एक दिन पहले टीएमसी ने कहा था कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े द्वारा शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार की सुबह बुलाई गई बैठक में उसके शामिल होने की संभावना नहीं है।

नायडू ने भी की सभी दलों के नेताओं से बात
संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले उच्च सदन, राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक की और सदन को सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग की अपील की। इस दौरान विपक्ष के नेताओं ने अपने मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार अगर वाजिब विधेयक लाती है और उनके मुद्दों पर चर्चा कराती है तो वे भी सहयोग करने को सहमत हैं। 

सत्र के दौरान 30 विधेयक लाएगी सरकार
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार करीब 30 विधेयक पेश करने की तैयारी में है। लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के अनुसार, आर्थिक एवं अन्य सुधार संबंधी विधेयकों में बिजली संशोधन विधेयक 2021, बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2021, पेंशन सुधार संबंधी पीएफआरडीए संशोधन विधेयक, दिवाला एवं शोधन अक्षमता दूसरा संशोधन विधेयक 2021, ऊर्जा संरक्षण संशोधन विधेयक 2021, मध्यस्थता विधेयक 2021, चार्टर्ड एकाउंटेंट, कास्ट एंड वर्क्स एकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरीज संशोधन विधेयक 2021 शामिल हैं। निचले सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों की सूची में क्रिप्टोकरंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 सूचीबद्ध है। संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि कुछ लंबित विधेयकों सहित संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान करीब 30 विधेयक पेश किए जाएंगे। सत्र के पहले दिन लोकसभा में तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने संबंधी विधेयक पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध है। 

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