Friday, Jan 21, 2022
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pnb first scam 121 years ago disclosed by lala lajpat rai

121 साल पहले हुआ था PNB का पहला घोटाला, लाला लाजपत राय के पत्र ने हिला दिया था पूरा देश

  • Updated on 1/28/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले से अभी तक पंजाब नेशनल बैंक उभर नहीं पाया है। नीरव मोदी और मेहुल चौकसी द्वारा लगाए गए 12000 करोड़ का चूने के बाद यह बैंक काफी विवादों में आ गया है। लेकिन क्या आपको पता है कि ये पहली बार नहीं है जब इस बैंक में घोटाला हुआ है। जी हां, आज से 121 साल पहले भी इसी बैंक में एक ऐसा घोटाला हुआ था जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।

हालांकि ये घोटाला 123 साल पहले हुआ था लेकिन इसका खुलासा घोटाले के दो साल बाद हुआ। आईये जानते हैं 121 साल पहले हुए इस घोटाले से जुड़ी अहम बातें...

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लाला लाजपत राय के भाई ने दो साल में ही दे दिया था बैंक से इस्तीफा
ये बाद है साल 1895 की जब लाला लाजपत राय के भाई दलपत राय ने पंजाब नेशनल बैंक ज्वाइन किया। लेकिन नौकरी के दो साल बाद ही साल 1897 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दलपत राय का ये फैसला सभी को चौंका गया। आखिरकार इसके कुछ समय बाद लाला लाजपत राय ने एक खुला पत्र लिखा जिसमें उन्होंने देश के इस दूसरे सबसे बड़े बैंक की पोल खोल दी। लाला लाजपत राय द्वारा किये गए इस खुलासे ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया।

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लाला लाजपत राय के खुले पत्र ने हिला दिया था पूरा देश
अपने इस पत्र में लाला लाजपत राय ने लिखा कि 'मेरे भाई ने सचिव के रूप में हरकिशन लाल के आदेश पर एक ऐसा काम किया था जिसमें एक और निदेशक का भी हाथ था। इस लेनदेन ने बैंक को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाया जिसके बाद बोर्ड ने बैंक के मैनेजर को अपना स्पष्टीकरण लाला हरकिशन लाल को देने को कहा। जब मेरे भाई ने  लाला हरकिशन लाल को उनके ही द्वारा हस्ताक्षर किये गए निर्देशों को दिखाया तो उन्होंने इन निर्देशों को नष्ट करने को कहा। जब मेरे भाई ने ऐसा करने से इंकार कर दिया तो हरकिशन लाल की नाराजगी के तौर पर उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।'

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