Saturday, Jul 04, 2020

Live Updates: Unlock 2- Day 3

Last Updated: Fri Jul 03 2020 10:32 PM

corona virus

Total Cases

646,924

Recovered

392,869

Deaths

18,656

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA192,990
  • NEW DELHI94,695
  • TAMIL NADU86,224
  • GUJARAT34,686
  • UTTAR PRADESH24,056
  • RAJASTHAN18,785
  • WEST BENGAL17,907
  • ANDHRA PRADESH16,934
  • HARYANA15,732
  • TELANGANA15,394
  • KARNATAKA14,295
  • MADHYA PRADESH13,861
  • BIHAR10,392
  • ASSAM7,836
  • ODISHA7,545
  • JAMMU & KASHMIR7,237
  • PUNJAB5,418
  • KERALA4,312
  • UTTARAKHAND2,831
  • CHHATTISGARH2,795
  • JHARKHAND2,426
  • TRIPURA1,385
  • GOA1,251
  • MANIPUR1,227
  • LADAKH964
  • HIMACHAL PRADESH942
  • PUDUCHERRY714
  • CHANDIGARH490
  • NAGALAND451
  • DADRA AND NAGAR HAVELI203
  • ARUNACHAL PRADESH187
  • MIZORAM151
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS97
  • SIKKIM88
  • DAMAN AND DIU66
  • MEGHALAYA51
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
pregnant elephant died a painful death for believing humans vbgunt

इंसानों पर भरोसा करने की सजा, गर्भवती हथिनी को मिली बेहद दर्दनाक मौत

  • Updated on 6/3/2020

नई दिल्ली टीम डिजिटल। कुछ मनचले सरफिरे अपराधियों ने सिर्फ मजाखोरी के लिए एक गर्भवती हथिनी (prganent elephant) को बारूदी अनानास (pineapple) खिला कर मार डाला। मगर इंसानों पर भरोसा करने इस गर्भवती हथिनी की मौत (painful death) इतनी आसान नहीं नहीं थी।

दर्द से बिलबिलाती हुई हथिनी तीन दिनों तक नदी के अंदर खड़े होकर दर्द कम करने की कोशिश करती रही। मगर आखिरकार ये दर्द उसकी जान लेकर ही खत्म हो सका। इसके साथ ही उसका अजन्मा बच्चा भी मर गया। इन तीन दिनों में भी उसने इंसानों से बदला लेने या हिंसक होने की कोई कोशिश नहीं की। अलबत्ता सिर्फ पानी पीकर अपने फट चुके मुंह की पीड़ा कम करने की कोशिश करती रही।

कुछ ही मिनट में आपको उबाल सकती है ये 200 डिग्री पर उबलती नदी

तीन दिनों तक नदी में पानी पीकर दर्द कम करती रही हथिनी
दया धर्म का मूल है, मगर शायद हमारी पीढ़ी धर्म के हर पायदान को गलत साबित करने पर तुली है। सिर्फ 14 साल की गर्भवती हथिनी की दर्दनाक मौत ने इंसानों की क्रूरता को फिर से उजागर कर दिया है। बिना किसी कसूर से सिर्फ इंसानी खुराफाती दिमाग की अपराधी प्रवृत्ति की क्रूरता ने एक गर्भवती हथिनी को तीन दिनों तक तड़पा कर खत्म कर दिया। हथिनी का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने भोले स्वभाव में इंसानों पर भरोसा कर लिया था। 14 साल की छोटी सी उम्र में उसने ये सबक नहीं सीखा था कि इंसान भरोसे के काबिल नहीं हैं।

एकतरफा आशिक को पेड़ से बांध कर जलाया, दस थानों की पुलिस मौके पर

धमाके से फट गया मुंह, टूट गया हथिनी का जबड़ा और सारे दांत
गर्भवती हथिनी खाने की तलाश में 25 मई को केरल के मलप्पुरम इलाके में निकल आई। अपने होने वाले बच्चे के लिए उसे थोड़ी बेहतर खुराक की जरुरत थी और उसे लगा कि कुछ इंसान शायद उसे बेहतर चीजें खाने को दे दें। मगर यहां कुछ दरिंदों को हथिनी की गर्भवती हालत पर भी तरस नहीं आया और उसे बारूदी अनानास खिला दिया। धमाके के साथ उसका जबड़ा और अंदर के सारे दांत टूट गये। दर्द से बिलबिलाती हथिनी ने बदला लेने के लिए इंसानों पर कोई हमला नहीं किया बल्कि दर्द को कम करने की फिराक में नजदीकी नदी में जाकर बार-बार पानी पीकर अपना दर्द कम करने की कोशिश करती रही। तीन दिनों तक हथिनी नदी में खड़ी अपने दर्द से लड़ती रही।

माल्या की जल्द होगी भारत वापसी, प्रत्यर्पण की सारी औपचारिकताएं सरकार ने की पूरी

तीन दिनों तक नदी में दर्द से बिलबिलाने के बाद दे दी जान
दर्द की शिकन चेहरे पर लिए नदी में खड़ी हथिनी की खबर इलाके के लोगों को मिली तो उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। मगर वन विभाग उसे पानी से बाहर नहीं निकाल सके। दर्द के मारे हथिनी नदी में सूंड डालकर अपना दर्द कम करने की कोशिश करती रही। उसे बचाने के लिए उसे नदी के बाहर निकालने की कोशिश की गई, मगर इलाज के इंतजार में पानी के अंदर ही उसकी मौत हो गई। हथिनी की सारी कहानी अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट करते हुए वन अधिकारी मोहन कृष्णन्न ने बताया कि इतनी बुरी तरह से घायल होने के बाद भी इस हथिनी ने किसी को चोट नहीं पहुंचाई। उसे देखकर लग रहा था कि वो भलाई से भरी हुई थी और इंसानों को भी ऐसा ही भला समझ लिया था। इसी भरोसे की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.