Saturday, Jun 10, 2023
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president kovind inaugurated ayush wellness center, ayurveda, yoga, naturopathy facilities

राष्ट्रपति ने किया आयुष वेलनेस सेंटर का शुभारंभ, आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा की सुविधा

  • Updated on 6/24/2022

नई दिल्ली /सुनील पाण्डेय: राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन स्थित राष्ट्रपति संपदा में उच्चीकृत आयुष वेलनेस सेंटर का उद्धाटन किया। इस दौरान राष्ट्रपति की पत्नी प्रथम महिला सविता कोविंद, केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोणोवाल और आयुष राज्य मंत्री मुंजपरा महेंद्रभाई कालूभाई भी मौजूद रहे। समारोह में आयुष वेलनेस सेंटर की "स्थापना, कार्यप्रणाली एवं महत्वपूर्ण उपलब्धियां” पुस्तक का विमोचन किया गया। सेंटर द्वारा अब तक 60 शोध पत्र प्रकाशित किए जा चुके हैं।  
मालूम हो कि आयुष मंत्रालय और राष्ट्रपति सचिवालय के संयुक्त प्रयास से 25 जुलाई 2015 को राष्ट्रपति भवन में आयुष वेलनेस सेंटर (एडब्ल्यूसी) शुरू हुआ। एडब्ल्यूसी में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी की विधाओं में उपचार की सुविधा है। यह सेंटर राष्ट्रपति, राष्ट्रपति सचिवालय के अधिकारियों और राष्ट्रपति संपदा के निवासियों की चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करता है। अब आयुष प्रणाली के लिए सुविधाओं के साथ उन्नत बुनियादी ढाँचा उपचार के मानक प्रोटोकॉल का पालन करेगा।  

कोविड महामारी में सेंटर ने निभाई बढ़ी भूमिका
केंद्र के उद्धाटन के बाद आयुष राज्य मंत्री मुंजपारा महेंद्रभाई कालूभाई ने राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा की उपस्थिति में आयुष वेलनेस सेंटर की "स्थापना, कार्यप्रणाली एवं महत्वपूर्ण उपलब्धियां" पुस्तक का विमोचन किया। इस दौरान राष्ट्रपति के सचिव केडी त्रिपाठी भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति ने पुस्तक में अपने संदेश में लिखा है कि "मुझे यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि इस केंद्र से बड़ी संख्या में रोगी लाभान्वित हुए हैं। इस केंद्र द्वारा की गई रोगी शिक्षा कार्यशालाओं, स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम और आउटरीच ओपीडी आदि जैसी पहलों की काफी सराहना की जाती है। कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू हुई टेलीमेडिसिन सुविधाएं और ऑनलाइन योग कक्षाओं ने इस कठिन दौर में लाभार्थियों की मदद की।”

7 वर्षों में 1.60 लाख से अधिक ने उठाया केंद्र का लाभ 
केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोणोवाल ने कहा कि “सदियों से चिकित्सा की आयुष प्रणाली पारंपरिक रूप से स्वास्थ्य देखभाल के लिए उपयोग की जाती रही है। आयुष प्रणालियों की स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली, निवारक और उपचारात्मक भूमिकाएं जनता के बीच इसकी स्वीकृति के कारण हैं। आयुष मंत्रालय और राष्ट्रपति सचिवालय ने इस दिशा में पहले कदम के रूप में आयुष वेलनेस सेंटर, प्रेसिडेंट स्टेट को शुरू करने के लिए सहयोग किया। उन्नत आयुष वेलनेस सेंटर निर्बाध और कुशल तरीके से आयुष उपचार प्रदान करना जारी रखेगा।” आयुष सचिव राजेश कोटेचा ने कहा कि केंद्र की स्वीकृति के स्तर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले 7 वर्षों में प्रेसिडेंट एस्टेट के 1.6 लाख से अधिक निवासी केंद्र का लाभ ले चुके हैं। वहीं केंद्र द्वारा अब तक कुल 60 शोध पत्र प्रकाशित किए जा चुके हैं। अपनी बढ़ी हुई सुविधाओं के साथ केंद्र अधिक समग्र तरीके से निवासियों की सेवा करने के लिए बाध्य है। कार्यक्रम में आयुष विशषे सचिव केपी पाठक, संयुक्त सचिव कविता गर्ग, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक, मंत्रालय के विभिन्न संस्थानों के सलाहकार और महानिदेशक, भारतीय चिकित्सा प्रणाली और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के अध्यक्ष आदि लाेग मौजूद रहे।

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