Tuesday, Oct 19, 2021
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pro. yogesh singh appointed vice chancellor of delhi university

प्रो. योगेश सिंह बने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति

  • Updated on 9/22/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  प्रोफेसर योगेश सिंह को दिल्ली विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वे दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति हैं। शिक्षा मंत्रालय के बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इन दो कुलपतियों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विजिटर भी हैं ।  मालूम हो डीयू में पूर्व कुलपति प्रो.योगेश त्यागी को राष्ट्रपति द्वारा अक्तूबर में निलंबित किए जाने के बाद से प्रो.वाइस चांसलर बतौर कार्यवाहक कुलपति प्रो.पीसी जोशी कुलपति का कार्यभार संभाल रहे थे। प्रो.योगेश सिंह नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली के निदेशक (31 दिसंबर, 2014 से 24 जुलाई, 2017) और महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय बड़ौदा, गुजरात के कुलपति (07 जुलाई, 2011 से 29 दिसंबर, 2014) भी रहे हैं। गुजरात सरकार ने उन्हें महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय बड़ौदा के कुलपति का दूसरा कार्यकाल भी दिया था, जिसे उन्होंने 29 दिसंबर, 2014 तक जारी रखा।

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कंप्यूटर इंजीनियरिंग में हैं पीएचडी
 उन्होंने एम.टेक (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) और पीएचडी (कंप्यूटर इंजीनियरिंग) राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) से की हुई है। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उन्होंने 23 पीएच.डी का पर्यवेक्षण किया है। अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पत्रिकाओं/ सम्मेलनों में 250 से अधिक प्रकाशन उनके नाम हैं। इन्होंने सॉफ्टवेयर टेस्टिंग पर एक पुस्तक लिखी जिसे कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, इंग्लैंड द्वारा 2011 में प्रकाशित किया गया। वह न्यू एज इंटरनेशनल दिल्ली (2002) द्वारा सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और पीएचआई लर्निंग, दिल्ली (2012) द्वारा ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग पर प्रकाशित पुस्तकों के सह-लेखन भी रहे हैं।

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नैक कार्यकारी समिति के सदस्य भी हैं
 प्रो. योगेश सिंह  3 अक्तूबर  2019 से राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की कार्यकारी समिति के सदस्य भी हैं। वह क्रमश: मई, 2013 और मार्च, 2015 से गुजरात स्टेट पेट्रो नेट लिमिटेड और गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (गुजरात सरकार के उपक्रमों) के एक स्वतंत्र निदेशक भी हैं।
 प्रो. योगेश सिंह दिसंबर 2011 से मई 2014 तक केंद्रीय क्षेत्रीय समिति, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, भोपाल (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात राज्यों को कवर करने वाली) के अध्यक्ष रहे हैं। वह राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की जनरल कौंसिल के सदस्य और एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य भी रहे हैं। उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के डीन (2001-2006), परीक्षा नियंत्रक (2006-2011) और निदेशक, छात्र कल्याण के रूप में भी कार्य किया है।

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प्रो.सिंह के दौर में डीयू एक्ट का सम्मान बहाल होने की उम्मीद : एएडी
एएडी प्रेस सचिव व पूर्व ईसी सदस्य राजेश झा का कहना है कि नए कुलपति का आगमन ऐसे समय में हो रहा है जब ये सौ साल पुरानी यूनिवर्सिटी कई गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। 4 दिसम्बर 2019 से इस यूनिवर्सिटी में नेतृत्वहिनता और अस्थिरता की स्थिति थी। नए कुलपति से आशा है कि एसी और ईीस में निर्णय करते हुए पुरे विश्वविद्यालय को साथ लेकर चलेंगे। आज से सौ साल पहले 1922 में बने डीयू एक्ट का सम्मान प्रो.सिंह के दौर में बहाल होने की उम्मीद हैं।

डीटीए ने किया स्वागत, कहा कुलपति का लंबा अनुभव आएगा काम
प्रो.योगेश सिंह को डीयू का कुलपति बनाए जाने पर आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन के अध्यक्ष डॉ.हंसराज सुमन ने उन्हें कुलपति बनाए जाने का स्वागत किया। साथ ही आशा जताई है कि प्रो.योगेश ङ्क्षसह के डीयू वीसी बनने के बाद नियुक्ति की राह आसान होगी। इसके साथ ही अन्य समस्याओं का भी समाधान होने की संभावना जताई है । डॉ.सुमन का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में और कुलपति के रूप में प्रो.योगेश सिंह को लंबा अनुभव है,जो डीयू के लिए अच्छा है।

 

 

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