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सीमा विवाद के बीच बड़ा खुलासा, बिहार में मिल रहे राशन के चावल से चीन में बन रही है शराब

  • Updated on 1/6/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। सीमा पर भारत (India) और चीन (China) के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बढ़ते इस तनाव के बीच बिहार के सीमांचल इलाके से एक अजीब खबर आ रही है। यहां की राशनों की दुकानों में मिलने वाले चावल से चीन, भूटान (Bhutan) और वियतनाम (Vietnam) जैसे देशों में शराब बनाई जा रही है। बता दें यह चावल इन देशों की राशन की दुकानों से कालाबाजारी करके बेचे जा रहे हैं। 

ब्लैक में खरीदा जा रहा है चावल
बताया जा रहा है कि इन चावलों से अच्छी क्वालिटी की शराब तैयार होती है। जिसके लिए इसे ब्लैक में खरीदा जा रहा है। जिसके कारण इन चावलों के रेट में  भी बढ़ोत्तरी हो गई है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि पड़ोसी देशों से इन चावलों की डिमांड बढ़ रही है। वैसे भी भारत में उपभोक्ता इन चावलों को खाने में कम ही पसंद करते हैं। जिसकी वजह से आसानी से इन्हे चीन जैसे देशों में बेचा जा रहा है। 

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ट्रक हो रहे हैं लोड
बता दें प्रतिदिन ट्रकों में लोड करके चावल इन देशों में भेजा जा रहा है। यह चावल अधिकांश कालाबाजारी करके ही बेचा जाता है। जिसके वजह से पुलिस अक्सर इस तरह के ट्रकों को पकड़ती रहती है। बिचौलिया इस डील के सहारे मोटी कमाई कर रहे हैं। वैसे भी भारत में इनको खाने में कम तबज्जो दी जाती है। यह चावल देखने में कम सुंदर और अन्य चावलों की तुलना में मोटे होते हैं।  

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धड्डले से हो रही कालाबजारी 
गौरतलब है कि इन चावलों की कालाबजारी का केंद्र सीमांचल के जलालगढ़ और हरदा  बन गए हैं। यहां इन चावलों की धड्डले से कालाबजारी की जा रही है। अभी हाल में यहां के एक निवासी संजय कुमार साह को बिहार पुलिस ने पकड़ा था मगर बाद में फिर से वह इस तरह की कालाबजारी करता नजर आया। बताया जाता है यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में इन ट्रकों की कालाबजारी की जाती है। सरकार इन पर बारिकी से नजर रखे हुए हैं मगर परिणाम अच्छे नहीं मिल रहे हैं।  

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व्यवसायी ले रहे हैं ठेका
बता दें अब भूटान के यह चावल और पश्चिम बंगाल और असम के सीमाओं के सहार जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल के कई बड़े व्यवसायी इन ट्रकों का ठेका लेेते हैं और अपनी जिम्मेदारी पर इन्हें पश्चिम बंगाल तक पहुंचाया जाता है। वह रास्ते में पड़ने वाले सभी टोल और पुलिस चौकियों को मैनेज करते हैं। जिसकी वजह से वह आसानी से इस काम को कर पाते हैं। इससे उनकी अच्छी खासी कमाई भी हो रही है। रोज यहां से बड़ी संख्या में ट्रकों को सीमा पार किया जा रहा है।  

 

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